बुलंदशहर में शव के पास बड़बड़ाता रहा बॉयफ्रेंड
बुलंदशहर। मेरी मम्मी का मर्डर हुआ है। उनके सिर में चाकू मारा, दोनों कान काट दिए। मैं उसे जानती हूं। अजीत के नाम से कॉल आया था। मम्मी ने कहा था कि अभी आती हूं, फिर वो नहीं लौटीं। अजीत ने मेरी मम्मी को मार डाला। मैं चाहती हूं कि उसके भी चाकू लगे, उसके कान कटे, उसके हाथ कटे, पैर कटे। उसे फांसी होनी चाहिए, वो मरा हुआ चाहिए।
यह दर्द है बुलंदशहर की रहने वाली बेबी की दो मासूम बेटियों का। 11 अगस्त की रात प्रेमी अजीत ने चाकू से 17 वार करके बेबी की हत्या कर दी थी। हत्या इतने निर्मम तरीके से की गई कि हार्ट बुरी तरह से डैमेज हो गया था।
हत्या करने के बाद भी प्रेमी को कोई पछतावा नहीं था। वह 1 घंटे तक शव के पास बैठा रहा और गुस्से में शादी नहीं करने के लिए बड़बड़ाता रहा। कहता रहा- अब शादी करोगीङ्घ? मामला जिला मुख्यालय से 25 किमी दूर खुर्जा कोतवाली क्षेत्र का है।
दिल्ली के प्रेमनगर की रहने वाली बेबी (38) की 15 साल पहले बुलंदशहर के पंकज से शादी हुई थी। दोनों के दो बेटे और दो बेटियां हैं। बच्चों की उम्र 8 से 13 साल के बीच है। सभी शिवलोक कॉलोनी में रहते हैं। घर से 200 मीटर दूर आरोपी प्रेमी अजीत ठेकेदार (42) किराए के कमरे में रहता है। अजीत खुर्जा में बर्तन बनाने वाली फैक्ट्री में काम करता है।
अजीत की पत्नी उसे छोड़कर जा चुकी है। डेढ़ साल से अजीत और बेबी का अफेयर चल रहा था। अजीत बेबी से शादी करना चाहता था, लेकिन बेबी तैयार नहीं थी। धीरे-धीरे बेबी ने उससे दूरियां बना लीं। इससे नाराज अजीत ने हत्या का प्लान बनाया।
पड़ोसियों ने बताया- मंगलवार रात अजीत के कमरे से शोर-शराबे की आवाज आ रही थी। इसके बाद हम लोगों ने पुलिस को सूचना दे दी। थोड़ी देर बाद पुलिस पहुंची और दरवाजा खुलवाया। बेबी की लाश फर्श पर पड़ी थी। अजीत बगल में बैठा था। फर्श पर खून ही खून फैला था। पुलिस बेबी को अस्पताल ले जा रही थी, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई।
मां की मौत के बाद चारों बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। शव की हालत देखते ही बच्चे रोने-चीखने लगे। बड़ी बेटी ने रोते हुए बताया- शाम के टाइम मम्मी के फोन पर अजीत का कॉल आया था। मम्मी जाने लगीं, तो मैंने पूछा कहां जा रही हो? पापा काम पर गए थे।
मम्मी ने कहा कि बस अभी आ जाऊंगी। मेरा बड़ा भाई भी उनके साथ गया था। कुछ देर बाद मेरा भाई लौट आया। उसने बताया कि अजीत अंकल ने चुंगी के पास से मुझे वापस भेज दिया है। मम्मी रात तक वापस नहीं आईं।
छोटी बेटी भी मां का शव देखकर रो रही थी। उसने कहा- मेरी मम्मी के सिर पर चाकू मार दिया, उनके दोनों कान काट दिए हैं। उस आदमी के भी चाकू मारो और उसके हाथ-पैर-कान काट दो। जैसे मेरी मां मरी है, वो भी मरना चाहिए।
बच्चियों ने बताया कि पापा के काम पर जाने के बाद हम चारों भाई-बहन मम्मी के पास रुकते थे। रात में 9.30 बजे हमारे पापा आए, तो उन्होंने मां के बारे में पूछा। पापा बार-बार मम्मी के फोन पर कॉल कर रहे थे, लेकिन कोई उठा नहीं रहा था। फिर फोन स्विच आॅफ हो गया। कुछ देर में पुलिस वाले आए और मेरे पापा को उठाकर ले गए।