राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया किशोर रहाटकर लाभार्थी महिलाओं से मिली
शारदा रिपोर्टर मेरठ। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया किशोर रहाटकर ने सर्किट हाउस में केंद्र सरकार की योजनाओं की लाभार्थी महिलाओं से सीधा संवाद किया। जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पीएम आवास योजना, उज्ज्वला योजना, एनआरएलएम और महिला बाल विकास योजनाओं की महिला लाभार्थियों से मुलाकात की।
अध्यक्ष रहाटकर ने कहा कि पीएम आवास में घर महिलाओं के नाम होने से उनका सामाजिक सम्मान बढ़ा है और उन्हें बराबरी का हक मिला है। उज्ज्वला योजना की लाभार्थियों ने बताया कि, गैस कनेक्शन मिलने से धुएं से राहत मिली, आंखों की जलन कम हुई और कम समय में खाना बन जाता है। लाभार्थी महिलाओं ने कहा कि अब वे परिवार के लिए ज्यादा समय निकाल पा रही हैं और आत्मनिर्भर बन रही हैं।
पीएम आवास की महिलाओं ने बताया कि पक्का मकान और शौचालय मिलने से बच्चों सहित पूरे परिवार को बड़ी सुविधा मिली है। एनआरएलएम से जुड़ी महिलाओं ने स्वरोजगार के जरिए हुए सामाजिक-आर्थिक बदलावों के अनुभव साझा किए। इस दौरान रहाटकर ने कहा कि सभी बहनों का कॉन्फिडेंस देखकर अच्छा लगा, देश की बेटियों को आगे बढ़ाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि आयोग का काम महिलाओं को सशक्त बनाना और उन्हें सुरक्षित माहौल देना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीड़ित महिलाओं की शिकायतों का समय से समाधान किया जाए। कहा कि, पीड़ित महिलाएं डरें नहीं, कानून, पुलिस, प्रशासन और आयोग उनके साथ हैं। बताया कि आयोग ‘राष्ट्रीय महिला आयोग आपके द्वार’ पहल के तहत जिलों में जाकर जनसुनवाई कर रहा है।
उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि महिला मामलों में अतिरिक्त संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जाए। बैठक में महिला सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की योजनाओं की समीक्षा भी की गई। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में काम कर परिवार को आत्मनिर्भर बनाने के साथ उत्तराखंड का नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने ‘तेरे मेरे सपने’ जैसे प्री-मैरिटल कम्युनिकेशन सेंटर जैसे नए कार्यक्रमों की भी जानकारी दी।
विजया रहाटकर ने कहा कि महिला आयोग आशा की किरण बनकर लैंगिक समानता और सुरक्षित समाज को बढ़ावा दे रहा है। बता दें कि, वे महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं और 22 अक्टूबर 2024 से राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष हैं। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे और लाभार्थियों के अनुभव सुने गए। अंत में उन्होंने कहा कि बेटियों को बराबरी का स्थान देकर ही देश आगे बढ़ेगा।