Homeउत्तर प्रदेशMeerutMeerut News: अव्यवहारिक नियमों से परेशान हो रहे किसान

Meerut News: अव्यवहारिक नियमों से परेशान हो रहे किसान

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– विभिन्न मांगों को लेकर किसानों ने किया कमिश्नरी चौराहे पर प्रदर्शन।

शारदा रिपोर्टर मेरठ। विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर गुरुवार को भारतीय किसान यूनियन (महात्मा टिकैत) के दर्जनों सदस्यों ने कमिश्नरी चौराहे पर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने एक ज्ञापन डीएम कार्यालय पर सौंपते हुए किसानों को हो रही समस्याओं के समाधान की मांग की।

 

 

प्रदर्शन कर रहे सदस्यों ने बताया कि, देश का किसान वर्तमान समय में अनेक गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। इन समस्याओं के समाधान के लिए हम केंद्र एवं राज्य सरकारों का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। जिनमें रबी सीजन की फसलों, विशेषकर गेहूं एवं सरसों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद सुनिश्चित की जाए।

हरियाणा सरकार द्वारा लागू नई प्रक्रियाएं अत्यंत जहित एवं अव्यवहारिक हैं, जैसे गेट पास के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन तथा ट्रैक्टर-ट्राली पर नम्बर प्लेट अनिवार्य कर उसका फोटो अपलोड करना। इन बाधाओं के कारण मंडियों में अव्यवस्था उत्पन्न होगी, जिससे किसानों की बारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

किसानों ने मांग उठाई कि इन अव्यवहारिक नियमों को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। साथ ही, गेहूं के क्रय केंद्र न्याय पंचायत स्तर पर स्थापित किए जाने चाहिए। शहरों में क्रय केंद्र लगाए जाने से किसानों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता है, क्योंकि वहाँ पर केंद्र के कर्मचारियों एवं व्यापारियों के बीच अक्सर सांठगांठ हो जाती है। इसके परिणामस्वरूप किसानों की उपज की खरीद प्रभावित होती है तथा व्यापारियों का माल प्राथमिकता से खरीदा जाता है।

इसलिए किसानों के हित में यह अत्यंत आवश्यक है कि गेहूं क्रय केंद्र न्याय पंचायत स्तर पर स्थापित किए जाएं, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो तथा उन्हें उनकी फसल का उचित मूल्य प्राप्त हो सके। आलू के गिरते दामों के कारण किसानों को उनकी लागत मूल्य एक प्राप्त नहीं हो पा रहा है, जिससे आर्थिक संकट में आ गए हैं। ऐसी स्थिति में आलू उत्पादक किसानों के लिए केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा विशेष राहत पैकेज की घोषणा की जाए तथा उचित मूल्य पर आलू की खरीद सुनिश्चित की जाए।

इस दौरान धान खरीद में भारी धांधली एवं भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं, जिनका अब तक न तो शासन स्तर पर और न ही जिला प्रशासन द्वारा संज्ञान लिया गया है। उन्होंने कहा कि, किसान अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं, जिनमें से चार किसानों की स्थिति अत्यंत गंभीर बताई जा रही है। इसलिए हम सभी यह मांग करते हैं कि, राष्ट्रपति इस गंभीर विषय का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान करें, ताकि किसानी को न्याय मिल सके।

 

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