Home Meerut किसानों को दिया गया 1046 करोड़ का फसली ऋण

किसानों को दिया गया 1046 करोड़ का फसली ऋण

0
  • जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन ने एक साल का कार्यकाल पूरा होने पर दी जानकारी

शारदा रिपोर्टर मेरठ। जिला सहकारी बैंक के वर्तमान संचालक मंडल का एक वर्ष का कार्यकाल पूरा हो चुका है। पिछले एक साल में जिला सहकारी बैंक ने कितना ऋण दिया और क्या-क्या काम किए, इसकी चेयरमैन विमल शर्मा ने विस्तार से जानकारी दी।

वेस्टर्न कचहरी पुल स्थित जिला सहकारी बैंक स्थित कार्यालय में सहकारिता गोष्ठी के दौरान जानकारी देते हुए बैंक के चेयरमैन विमल शर्मा ने बताया कि वर्ष 2023-24 में 1046 करोड़ का किसानों को केसीसी फसली ऋण वितरण किया गया। जबकि गत वर्ष 942 करोड़ ऋण वितरण किया गया, जो गत वर्ष के सापेक्ष 104 करोड़ अधिक रहा। बैंक द्वारा प्रदेश में सर्वाधिक ऋण वितरण किया गया।

बैंक द्वारा रमाला सहकारी शुगर मिल, बागपत सहकारी शुगर मिल एवं टिकौली शुगर मिल को भी ऋण वितरण किया गया। बैंक द्वारा केसीसी फसली ऋण के अतिरिक्त 526 करोड़ के अन्य ऋण भी दिये गये। डेरी ऋण, पं० दीनदयाल उपाध्याय सहकारी स्वरोजगार ऋण योजना, पर्सनल लोन, स्थायी सम्पत्ति के विरूद्ध लोन, गृह ऋण, वाहन ऋण, एफडी के विरूद्ध ऋण, स्वयं सहायता समूह को ऋण, वेतन भोगी सहकारी समिति के माध्यम से ऋण, व्यवसायियों को ट्रेडर्स ऋण, ग्रामीण क्षेत्र के लिये आवास ऋण, बागवानी के लिये ऋण, सोलर लाइट के लिये ऋण, मत्स्य मालन के लिये ऋण, पशुपालन के लिये ऋण, आटा चक्की के लिये ऋण, साइवर कैफे के लिये ऋण आदि योजनाओं में ऋण दिया जा रहा है। बैंक की बकाया माँग 142 करोड़ के सापेक्ष जुलाई 2023 से 31 मार्च 2023 तक बकाया की 121 करोड़ वसूली की गयी। गतवर्ष बैंक की वसूली 92 प्रतिशत हुई थी, इस वर्ष बैंक एवं विभाग द्वारा 97 प्रतिशत वसूली के लक्ष्य रखे गये हैं। अब तक 82 प्रतिशत की वसूली हो चुकी है, जो गत वर्ष के सापेक्ष 4 प्रतिशत अधिक है।

बैंक द्वारा निक्षेप संचय हेतु अभियान चलाया जा रहा है। बैंक द्वारा अन्य सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों से डिपोजिट पर लगभग 0.5 प्रतिशत अधिक ब्याज दिया जा रहा है। बैंक की जमा निक्षेप 2191 करोड़ हो चुका है, जो पिछले वर्ष से 238 करोड़ अधिक है। जो प्रदेश में सर्वाधिक वृद्धि है। सभी गणमान्य व्यक्तियों से अनुरोध है कि निकटतम जिला सहकारी बैंक लि० मेरठ की शाखा में अपने खाते खुलवाकर बैंक सेवाओं का लाभ प्राप्त करें। बैंक की सावधि निक्षेप में 7.80 प्रतिशत तक ब्याज प्राप्त करें।

बैंक की कार्यशील पूँजी 2960 करोड़ से बढ़कर 3456 करोड़ हो चुकी है। इस प्रकार कार्यशील पूँजी में 496 करोड़ की वृद्धि हुई है। बैंक का एनपीए घटकर मात्र 0.56 प्रतिशत रह गया है। बैंक का सीआरएआर 9 प्रतिशत मार्जिन के स्थान पर 16.89 प्रतिशत है। बैंक लगातार नाबार्ड एवं सांविधिक निरीक्षण में अपनी ‘ए’ श्रेणी बनाये हुये है।
बैंक का गतवर्ष का लाभ 6.05 करोड़ था जो बढ़कर 7.13 करोड़ हो गया है। बैंक की नेटवर्थ गतवर्ष 506 करोड़ थी जो इस वर्ष बढ़कर 549 करोड़ हो गयी है। जो गतवर्ष के सापेक्ष 43 करोड़ अधिक है।

सुमनवीर सिंह, सचिव दीपक कुमार, सहायक आयुक्त सहकारिता, इंदू सिंह, सहायक आयुक्त बागपत, संजीव कुमार राय, संयुक्त आयुक्त एवं संयुक्त निबंधक, सहकारिता मेरठ मंडल, उपसभापति सुरेन्द्र सिंह , सदस्य संतरपाल, बालेश्वरी, दिनेश, नवजीत, उदयवीर, ललिता, शशि शर्मा, मंजीत, मदनपाल सिंह, हरवीर आदि मौजूद रहे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here