मालखाना प्रभारी हेडमोहर्रिर पर मुकदमा दर्ज
गुलावठी (बुलंदशहर)। कोतवाली के मालखाने से विभिन्न मामलों से संबंधित लाखों का सामान गायब हो गया, जिसमें कैंटर, कार, बाइक, नकदी व ज्वैलरी जैसे सामान भी शामिल हैं। माल के गबन की आशंका के चलते पूर्व पुलिस ने मालखाना प्रभारी रहे हेडमोहर्रिर पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
मालखाना प्रभारी हेड कांस्टेबल मनोज कुमार ने दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया है कि जब उन्होंने मालखाना का चार्ज लिया और विभिन्न मुकदमों से संबंधित माल की सामान सूची बनाई तो एक मुकदमे से संबंधित 9140 रुपये की नकदी, गोवध अधिनियम से संबंधित एक कैंटर, आईटी एक्ट से संबंधित मुकदमे के तीन फोटो व एक सीडी, गोवध अधिनियम के मुकदमे से संबंधित एक छुरी, प्लास्टिक का बोरा व रस्सी, विद्युत अधिनियम व चोरी के मुकदमे से संबंधित एक बंडल तार व टुकड़े शामिल हैं।
इतना ही नहीं, इसके अलावा एक चोरी के मुकदमे से संबंधित 10 मीटर तार, एक सेमसंग मोबाइल, तीन बाइक, गोवध अधिनियम के मुकदमे से संबंधित तराजू, बाट, कुल्हाड़ी, एक सेंट्रो कार, 390 रुपये की नगदी व ताश के पत्ते, एक कैंटर, एक सैंट्रो कार व एक अपाचे बाइक, तीन जो़ड़ी पायल, एक मूर्ति गणेश की घड़ी की चूड़ी, एक चेन, दो गुच्छा, एक पैंडल, दो मंगल सूत्र चांदी, तीन जोड़ी पायल, एक घड़ी चूड़ी, एक चैन, एक जोड़ी मंगलसूत्र, पिछवा 36, दो पायल रिपेयरिंग सभी चांदी की, तीन जोड़ी पायलशामिल हैं।
एक लक्ष्मी की मूर्ति, घड़ी की चूड़ी व एक चेन, एक हथफूल व एक पैंडल, एक नागिन व एक मंगलसूत्र, बिछवा 36 आदि सामान शामिल थे। नकदी, वाहन, ज्वेलरी व अन्य कई सामान सहित लाखों का माल उन्हें नहीं मिला। कोतवाल धर्मेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि हेड कांस्टेबल मनोज कुमार (माल मुकदमाती) की तहरीर पर पूर्व हेड मोहर्रिर के खिलाफ बीएनएस की धारा 316 (5) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह को सौंपी गई है।
सवाल यह उठता है कि कोतवाली के मालखाने से बड़े वाहन समेत लाखों का माल कोतवाली से कैसे चोरी या गायब हो गया। इसकी भनक किसी को कैसे नहीं लगी। यदि कोतवाली से ही सामान गायब होने लगा तो आमजन का क्या होगा।
गायब सामान का राज भी तब खुला जब अदालत ने एक मुकदमे से संबंधित मामले में बरामद माल को पेश न किए जाने पर सख्ती दिखाई। सात मई 2025 की देर शाम को गुलावठी कोतवाली के मालखाने में भयंकर आग भी लगी थी, लेकिन उसमें बड़े वाहन के जलने की कोई खबर नहीं थी। इस आग की घटना पर भी उस समय सवाल खड़े हुए थे। चर्चा है कि गायब सामान पर पर्दा डालने के लिए आग लगाई गई थी।