Home politics news उपचुनावों में बीजेपी को तीन सीट, सपा ने घोसी सीट जीती

उपचुनावों में बीजेपी को तीन सीट, सपा ने घोसी सीट जीती

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  • सुभासपा नेता ओम प्रकाश राजभर के दावे हवा हवाई हुए,
  • भाजपा प्रत्याशी दारा सिंह को मिली 42672 वोटों से शिकस्त, सुधाकर सिंह जीते।
Editor Gyan Prakash
ज्ञान प्रकाश, संपादक. शारदा न्यूज़।

हर बार की तरह इस बार भी उप चुनाव भारतीय जनता पार्टी के लिए परेशानी का सबब बन कर आए। पूरे देश में सात विधान सभा सीटों के लिए उप चुनाव हुए थे। इसमें भाजपा को तीन, टीएमसी को एक, कांग्रेस को एक और सपा को एक सीट में जीत हासिल हुई है। भाजपा को उत्तर प्रदेश की घोसी विधान सभा सीट पर करारी हार मिली है। सपा से भाजपा में आए दारा सिंह को सपा प्रत्याशी सुधाकर सिंह ने 42672 वोटों से करारी शिकस्त दी है। घोसी उप चुनाव में सुभासपा नेता ओम प्रकाश राजभर के दावों की हवा निकल गई है।

 

 

घोसी के घमासान में सपा ने बड़ी जीत दर्ज की है। सपा प्रत्याशी सुधाकर सिंह ने बीजेपी के दारा सिंह को 42672 वोटों से हराया है। 2022 विधानसभा चुनाव में सपा से चुनाव लड़ रहे दारा सिंह ने 22000 वोटों से जीत दर्ज की थी। जीत को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि ये झूठे प्रचार और जुमला जीवियों की पराजय है। ये दलबदल-घरबदल की सियासत करने वालों की हार है।

उन्होंने कहा कि ये नतीजा भाजपा का अहंकार और घमंड को चकनाचूर करने वाला है। ये एक ऐसा चुनाव है, जिसमें जीते तो एक विधायक हैं। पर हारे कई दलों के मंत्री है।त्रिपुरा के सिपाहीजाला जिले में धनपुर में 89.20 प्रतिशत और बॉक्सानगर निर्वाचन क्षेत्र में 83.92 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

पश्चिम बंगाल के धूपगुड़ी और केरल के पुथुपल्ली में ‘इंडिया’ के घटक दल एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे थे। धूपगुड़ी में लगभग 76 प्रतिशत और पुथुपल्ली में लगभग 73 प्रतिशत मतदान हुआ था। घोसी निर्वाचन क्षेत्र में उपचुनाव में ‘इंडिया’ने संयुक्त मोर्चा बनाया था। यहां लगभग 50.30 प्रतिशत मतदान ही दर्ज किया गया और झारखंड के डुमरी में जहां कुल 2.98 लाख मतदाताओं में से 64.84 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। उत्तराखंड के बागेश्वर में बीजेपी और कांग्रेस के बीच टक्कर रही, यहां 55.44 फीसदी मतदान हुआ था।

 

भाजपा के खिलाफ बने देशव्यापी इंडिया गठबंधन की घोसी में हुई जीत भविष्य का संकेत दे रही है और बीजेपी के लिए चिंता भी बढ़ा रही है। दारा सिंह चौहान की पिछली जीत को मतदाताओं ने दरकिनार कर दिया था। अति उत्साह में डूबी भाजपा घोसी के मतदाताओं की नब्ज को नही पहचान पाईं थी और पूरी तरह से सुभासपा नेता ओम प्रकाश राजभर पर भरोसा किए बैठी रही। इंडिया टीम के सदस्य सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का खुश होना भी लाजिमी है क्योंकि अभी मुंबई में इंडिया गठबंधन की बैठक के बाद हुए पहले चुनाव परिणाम ने साबित कर दिया कि आने वाला समय भाजपा के लिए आसान साबित नही होंगे।

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