प्रदेश संगठन की बैठक के दौरान घर के बाहर खड़ी की गाड़ी
देहरादून। भाजपा प्रदेश मुख्यालय में बड़ी संगठनात्मक बैठक के दौरान पार्किंग को लेकर विवाद हो गया। बलबीर रोड स्थित पार्टी कार्यालय के पास एक भाजपा प्रदेश मंत्री की इनोवा क्रिस्टा पड़ोसी के घर के मुख्य गेट के सामने खड़ी थी।
करीब एक घंटे तक ड्राइवर का इंतजार करने के बाद पड़ोसी की उससे कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर पड़ोसी ने ड्राइवर को थप्पड़ मार दिया। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।
घटना के वक्त भाजपा मुख्यालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी में पौड़ी, टिहरी और हरिद्वार लोकसभा क्षेत्रों को लेकर बड़ी संगठनात्मक बैठक चल रही थी। बैठक में सांसद, विधायक, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे थे। इसके चलते मुख्यालय के आसपास दर्जनों वाहन सड़क किनारे खड़े हो गए थे।
पड़ोसी का आरोप था कि भाजपा मुख्यालय में बड़ी बैठक के चलते इलाके में बड़ी संख्या में वाहन खड़े किए गए हैं। कई गाड़ियां लोगों के घरों के गेट के सामने तक पार्क की जा रही हैं। इससे स्थानीय लोगों को आवाजाही में परेशानी हो रही है।
पड़ोसी ने कहा कि अगर किसी घर में अचानक इमरजेंसी हो जाए तो गेट के सामने वाहन खड़ा होने से बाहर निकलना मुश्किल हो सकता है। इसी बात को लेकर पहले ड्राइवर से कहासुनी हुई और बाद में विवाद बढ़ गया।
भाजपा प्रदेश मुख्यालय में तीन लोकसभा क्षेत्रों की बैठक होने के कारण बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता पहुंचे थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि बैठक पहले से तय होने के बावजूद पार्किंग और ट्रैफिक व्यवस्था के लिए अतिरिक्त इंतजाम नहीं किए गए।
भाजपा प्रदेश मुख्यालय प्रभारी जगमोहन सिंह रावत ने कहा कि नेताओं और कार्यकतार्ओं को खुद ध्यान रखना चाहिए कि किसी के घर के गेट के सामने वाहन खड़ा न किया जाए। संभवत: किसी ने भूलवश वहां गाड़ी खड़ी कर दी होगी, जिससे पड़ोसी नाराज हो गए।
उन्होंने कहा कि भाजपा का प्रदेश कार्यालय पिछले कई वर्षों से इसी स्थान पर संचालित हो रहा है। बड़े कार्यक्रमों के दौरान आसपास के लोगों को कभी-कभी इस तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है।
देहरादून के बलबीर रोड स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय के बाहर लगातार ट्रैफिक दबाव बना रहता है। पार्टी की बैठकों और बड़े कार्यक्रमों के दौरान बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकतार्ओं के वाहन सड़क किनारे खड़े होने से यातायात प्रभावित होता है। इससे स्थानीय लोगों और राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।