– बिजली ना आने के कारण घर के बाहर सो रहा था परिवार, पत्नी गंभीर रूप से घायल
बाराबंकी। बेकाबू डंपर ने एक परिवार के पांच लोगों को रौंद दिया। हादसे में पिता, बेटा और दो बेटियों की मौत हो गई। पत्नी की हालत गंभीर है। रिश्तेदारों ने बताया- बिजली न होने के कारण परिवार घर के बाहर सो रहा था। शुक्रवार रात दो बजे बेकाबू डंपर आया। उसने पहले पेड़ में टक्कर मारी, फिर सड़क किनारे सो रहे परिवार को रौंद दिया।

हादसे के बाद चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़कर पहुंचे। घायलों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने चार लोगों को मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद चालक डंपर छोड़कर मौके से फरार हो गया। मरने वालों की पहचान नीरज (35), उनके बच्चे अनुराग (13), अंशिका (10) और अंशू (6) के रूप में हुई है।
पत्नी आरती (35) की हालत गंभीर है, जिन्हें लखनऊ के लोहिया अस्पताल रेफर किया गया है। हादसा फतेहपुर थाना क्षेत्र में हुआ। नीरज परिवार के साथ झांसा गांव में रहते थे। वह किराए पर मैजिक चलाकर परिवार का खर्च चलाते थे।
अनुराग भगौली स्थित मोहन लाल वर्मा स्कूल में पढ़ाई करता था। वहीं अंशिका युग मदनपुर के सर्वजीत इंटर कॉलेज की छात्रा थी। अंशिका अपनी नानी के घर अनवारी बेहटा में रहकर पढ़ाई करती थी और स्कूल की छुट्टियां मनाने के लिए घर आई थी।
नीरज के मामा कृपा राम ने बताया कि रात करीब तीन बजे फोन आया कि हादसा हो गया है। इसके बाद हम अस्पताल पहुंचे। बिजली नहीं आने के कारण सभी लोग गर्मी से परेशान होकर घर के सामने दरवाजे पर सो रहे थे, तभी डंपर ने रौंद दिया।
नीरज की बहन किरण का रो-रोकर बुरा हाल है। अस्पताल में बच्चों की लाश देखकर वह गिर पड़ीं। उन्होंने रोते हुए कहा- सब कुछ खत्म हो गया। भइया और बच्चों की मौत हो गई। भाभी को भी जब यहां से लखनऊ ले जाया गया तो वे बेहोश थीं। भइया और भाभी की शादी 14 साल पहले हुई थी। पूरा परिवार हंसी खुशी साथ में रहता था। अब कुछ नहीं बचा।
जिला अस्पताल के डॉक्टर ने बताया कि सभी घायलों को सुबह करीब 5:15 बजे अस्पताल लाया गया था। इनमें दो बच्चों की मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी। एक महिला को प्राथमिक इलाज के बाद लखनऊ रेफर कर दिया गया।

