ग्रामीणों ने पुलिस को शव ले जाने से रोका, डीएम को बुलाने की मांग
गाजीपुर। नोनहरा थाना क्षेत्र के चक कमरौरा गांव में नदी में डूबे रामबाबू (25) का शव शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे मिला। करीब 36 घंटे तक चले तलाशी अभियान के बाद समनपुर घाट के पास नदी में उसका शव दिखाई दिया। एक नाविक ने सबसे पहले शव देखा। पुलिस शव को बाहर निकालने पहुंची, लेकिन परिवार और ग्रामीणों ने उसे ले जाने से रोक दिया। उनकी मांग है कि जिलाधिकारी मौके पर आएं, इसके बाद ही शव ले जाने दिया जाएगा।
दरअसल, बुधवार शाम करीब 4 बजे चक कमरौरा गांव में जमीन की पैमाइश करने राजस्व और पुलिस की टीम पहुंची थी। इसी दौरान ग्रामीणों और टीम के बीच विवाद हो गया, जो धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। घटना में एक पुलिसकर्मी के सिर में चोट लगने की बात सामने आई थी।
पुलिस बल को देखकर कुछ ग्रामीण भागने लगे। इसी दौरान गांव से करीब दो किलोमीटर दूर समनपुर घाट की ओर जाते समय रामबाबू उर्फ विक्की नदी में कूद गया था। इसके बाद उसकी तलाश शुरू की गई।
युवक के नदी में डूबने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने गोताखोरों और पीएसी की मदद से तलाश शुरू कराई। गुरुवार देर रात तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका था। इसके बाद भी नदी में खोजबीन जारी रही। शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे शव मिलने के बाद घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया।
पुलिस शव को नदी से निकालकर आगे की कानूनी कार्रवाई करना चाहती थी, लेकिन ग्रामीणों और परिजनों के विरोध के कारण मौके पर तनाव की स्थिति बनी हुई है। मृतक की मां मनोरमी देवी और बहन लड्डन भी मौके पर मौजूद हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रामबाबू के नदी में कूदने के दौरान पुलिसकर्मी उसे बचाने का प्रयास कर सकते थे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि रामबाबू के परिवार के कुछ लोगों को पुलिस थाने में बैठाकर रखा गया था। हालांकि, इन आरोपों की पुलिस की ओर से पुष्टि नहीं हुई है।
जमीन की पैमाइश के दौरान हुए विवाद, युवक के नदी में डूबने की परिस्थितियों और ग्रामीणों के आरोपों पर पुलिस का पक्ष सामने आना बाकी है। फिलहाल, ग्रामीण और परिजन जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े हैं और शव ले जाने का विरोध कर रहे हैं।