बोरे में भरकर कार से ले गया, आरोपी बोला शादी की जिद पर अड़ी थी इसलिए मार डाला
आगरा। आठ दिन से लापता 26 साल की लड़की का शव मंगलवार को इटावा में यमुना नदी से मिला। इसके बाद पुलिस ने फतेहाबाद तहसील में तैनात लेखपाल शिवजीत भदौरिया को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ अपहरण, आत्महत्या के लिए उकसाने और सबूत नष्ट करने का केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने लेखपाल को जेल भेज दिया।
लेखपाल ने बताया कि विशाखा शादी करने की जिद पर अड़ी थी। इसको लेकर पंखे से लटक गई। मामला थाना एमएम गेट क्षेत्र का है। लेखपाल शिवजीत भदौरिया बाह के रुधमुली गांव का रहने वाला है। विशाखा भी बाह क्षेत्र की रहने वाली थी। वह एमएम गेट के नूरी दरवाजा में रहकर बीटीसी के बाद सुपर ळएळ की तैयारी कर रही थी। इसी दौरान शिवजीत और विशाखा के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। दोनों साथ घूमने-फिरने लगे। इस दौरान लेखपाल ने उससे शादी का वादा भी किया।
इसी साल मई में लेखपाल की दूसरी जगह शादी हो गई। इस बात का पता जब विशाखा को चला, तो उसने लेखपाल से झगड़ा करना शुरू कर दिया। दूसरी ओर, एक दिन लेखपाल की पत्नी ने उसके मोबाइल में विशाखा का फोटो देख लिया। इसके बाद वह भी पति से झगड़ा करने लगी। घर में कलह होने के बाद लेखपाल ने विशाखा से दूरी बना ली।
इसी बीच, 29 सितंबर को विशाखा अचानक लापता हो गई। घरवालों का उससे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा था। इस पर घरवालों ने थाना एमएम गेट में विशाखा की गुमशुदगी दर्ज करा दी। पुलिस की जांच और कॉल डिटेल में लेखपाल शिवजीत भदौरिया का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस ने लेखपाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उसने हत्या करने की बात कबूल कर ली।
पुलिस को लेखपाल शिवजीत ने बताया कि 30 सितंबर को विशाखा मेरे कमरे पर आई थी। उसने शादी करने को लेकर मुझसे जमकर झगड़ा किया। इसके बाद वह गले में फंदा लगाकर पंखे से लटक गई। मैं उसे फंदे से उतारकर अस्पताल लेकर गया, जहां डॉक्टरों ने विशाका को मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद मैं डर गया। विशाखा की लाश को कार से बाह से लगे इटावा में लेकर गया। वहां यमुना नदी में फेंक दिया था। लेखपाल के बयान दर्ज होने के बाद पुलिस बाह से लगे इटावा में यमुना नदी में विशाखा की लाश खोजने में जुट गई।
मंगलवार शाम करीब 4 बजे गांववालों ने मिहौली गांव के पास यमुना किनारे एक बोरे में लड़की की लाश होने की सूचना पुलिस को दी। इस पर बढ़पुरा थाना प्रभारी कृपाल सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे। शव की पहचान के लिए विशाखा के घरवालों को बुलाया। घरवालों के शिनाख्त करने पर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
पिता विजय ओझा ने बताया कि विशाखा आगरा के एमएम गेट थाना क्षेत्र में रहकर सुपर ळएळ की तैयारी कर रही थी। गांव में लेखपाल शिवजीत सिंह हमारे घर से करीब 300 मीटर दूर रहता है। वे लोग यमुना से रेत खनन करते थे। हमारे परिवार का खेत भी यमुना किनारे है। खनन होने से हमारे खेत को नुकसान होता था।
इस वजह से मैंने साल- 2017 में बाह के एसडीएम से शिकायत की थी। इसके बाद प्रशासन ने खनन में लगे कई ट्रैक्टर पकड़े थे। इसी के बाद वो लोग हमारे परिवार से रंजिश रखने लगे थे।
परिवारवालों का आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते शिवजीत ने 29 सितंबर को विशाखा का अपहरण कर लिया। इसके बाद उसकी हत्या कर दी। फिर शव को बोरे में भरकर कचौरा घाट के पास यमुना में फेंक दिया।
डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि लेखपाल को जेल भेजा गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आत्महत्या की धारा को हत्या में बदला जा सकता है।