दोस्त के जन्मदिन में जाने को निकली थी, बहला-फुसलाकर ले जाने और टॉर्चर का आरोप
सहारनपुर। सदर बाजार थाना क्षेत्र से लापता हुई 14 वर्षीय किशोरी का शव यमुनानगर में मिलने के बाद सनसनी फैल गई।किशोरी 23 सितंबर को घर से निकली थी और इसके बाद वापस नहीं लौटी। परिजनों ने दो युवकों समेत अन्य लोगों पर उसे बहला-फुसलाकर ले जाने और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।
मृतका की बहन रूपा की तहरीर पर पुलिस ने शुक्रवार सुबह आठ बजे शिवा,आर्यन और उनके अन्य साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला सहारनपुर के मनोहरपुर गांव का है। रूपा के मुताबिक,उसकी 14 वर्षीय बहन 23 सितंबर को दोस्त के जन्मदिन में जाने की बात कहकर घर से निकली थी।
जब वह वापस नहीं आई तो परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। दोस्त के घर पहुंचकर जानकारी की गई, लेकिन वहां भी किशोरी नहीं मिली।इसी दौरान मां के मोबाइल में किशोरी की शिवा नाम के युवक से इंस्टाग्राम चैट मिली। चैट में शिवा के किशोरी को मनोहरपुर में लेने आने की बात सामने आई।
अगले दिन मां के मोबाइल में आर्यन का नंबर मिला। फोन पर आर्यन ने बताया कि किशोरी शिवा के साथ गई है। शिवा से बात हुई तो उसने पहले शाम तक और फिर अगले दिन सुबह किशोरी के घर लौटने की बात कही, लेकिन वह वापस नहीं आई।
25 सितंबर की सुबह एक अज्ञात नंबर से किशोरी से करीब आधे मिनट बात हुई। उसने कथित तौर पर कहा कि वह घर नहीं आएगी। दोबारा उसी नंबर पर संपर्क करने पर फोन करने वाले ने खुद को यमुनानगर रेलवे पुल के पास काम करने वाला बताया।
इसके बाद परिजन यमुनानगर पहुंचे। वहां लोगों ने किशोरी को कुछ युवकों के साथ देखे जाने की जानकारी दी। तलाश के दौरान आर्यन भी मिला। परिजनों का आरोप है कि पूछताछ करने पर उसने किशोरी को पहचानने से इनकार कर दिया।
बाद में स्थानीय लोगों की मदद से गोताखोरों को सूचना दी गई। किशोरी की फोटो दिखाए जाने के बाद एक शव की फोटो परिजनों को भेजी गई। परिजनों ने शव की पहचान अपनी लापता बहन के रूप में की। पोस्टमार्टम और अन्य कार्रवाई के बाद 28 सितंबर को शव परिजनों को सौंप दिया गया।
रूपा ने आरोप लगाया है कि किशोरी की इंस्टाग्राम आईडी से आर्यन और शिवा से जुड़ी चैट, फोटो और वीडियो भी डिलीट किए गए हैं। परिजनों ने पुलिस से आरोपियों की कॉल डिटेल, लोकेशन और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच की मांग की है। एसपीसिटी व्योम बिंदल का कहना है कि शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर आरोपों और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है।