कटान से दर्जनों किसानों को नुकसान, ग्रामीणों ने की मुआवजे की मांग
बुलंदशहर। अनूपशहर तहसील क्षेत्र के खादर इलाके में उफनती गंगा नदी ने भारी तबाही मचानी शुरू कर दी है। आबादी से महज डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित खादर की कृषि भूमि तेजी से कटान की चपेट में आकर नदी की धारा में विलीन हो रही है। इस समय तोरई खादर और बच्चीखेड़ा खादर गांव के करीब दो दर्जन गन्ना किसानों की 100 बीघा जमीन कटकर गंगा में समा चुकी है।
सबसे ज्यादा नुकसान बच्ची खेड़ा खादर के किसानों को है। वर्तमान में इन खेतों में गन्ने की फसल खड़ी थी, जो पूरी तरह जलमग्न होकर नष्ट हो गई है। किसानों के अनुसार, एक बीघा खेत में फसल तैयार करने में औसतन 5 हजार रुपए की लागत आती है। इस तरह अचानक हुए कटान से प्रत्येक किसान को कम से कम एक-एक लाख रुपए का भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है।
तबाही का आलम यह है कि पीड़ित किसान नेत्रपाल की 8 बीघा जमीन पर लगी पूरी ईख की फसल देखते ही देखते गंगा के आगोश में समा गई। इसी तरह विजेंद्र की भी 12 बीघा जमीन गन्ने की फसल समेत नदी में बह गई। प्रभावित किसान हुकुम सिंह, शीशपाल और देवेंद्र ने बताया कि खादर की जमीन ही उनकी आजीविका का एकमात्र सहारा थी, जो अब नदी का हिस्सा बन चुकी है। फसल के साथ-साथ जमीन भी चले जाने से दर्जनों किसान
परिवारों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। पीड़ित किसानों ने शासन-प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि कटान से हुए नुकसान का प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा तुरंत मौके पर जाकर निष्पक्ष सर्वेक्षण कराया जाए और प्रभावित परिवारों को उचित आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
इस मामले में एसडीएम अनूपशहर अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि राजस्व टीम द्वारा मौके का मुआयना कर नुकसान का आंकलन किया जाएगा और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।