मंदिर में सात फेरे लिए, हिंदू संगठनों ने कहा मर्यादा तोड़कर गलत किया
अमरोहा। रीलबाज तीन सगी बहनों ने अपने ही कैमरामैन से शादी करने का दावा किया है। तीनों की उम्र 20 और 18 साल के बीच है। उन्होंने चामुंडा माता मंदिर में पूजा-अर्चना की और अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए। कैमरामैन ने बारी-बारी से तीनों की मांग में सिंदूर भरा और दुल्हनों ने पैर छूकर पति का आशीर्वाद लिया। हालांकि शादी में दोनों परिवारों से कोई शामिल नहीं हुआ।
इस शादी का खुलासा तब हुआ, जब वीडियो सामने आया। हिंदू संगठन के नेताओं का कहना है कि धार्मिक स्थल पर इस तरह शादी करना सनातन धर्म का उल्लंघन है। मयार्दा तोड़ी गई। विरोध देख तीनों बहनों ने वीडियो जारी अपना बचाव किया है। उन्होंने कहा- पहले जमाने में राजा दशरथ थे, जिनकी तीन रानियां थीं। फिर क्या वह अपमान हो गया। तीनों लड़कियों ने 17 जुलाई को शादी की थी।
धौरिया गांव की रहने वाली सरोज (20 साल), सावित्री (19 साल) और संतोष (18 साल) सगी बहनें हैं। तीनों सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं। वे इंस्टाग्राम-फेसबुक पर वीडियो कंटेंट बनाती हैं। इनकी फेसबुक और इंस्टाग्राम पर आईडी है। जिस पर अभी सिर्फ 27 वीडियो अपलोड हैं। सोशल मीडिया पर तीनों की अच्छी-खासी फैन फॉलोइंग है। इंस्टाग्राम पर 4.69 लाख और फेसबुक पर 84 हजार से अधिक फॉलोअर्स हैं।
श्यामपुरी गांव निवासी विकास उर्फ विक्कू तीनों बहनों का कैमरामैन है। वह पिछले 6 महीने से तीनों बहनों के लिए काम करता था। साथ ही गांव से जुड़ी कहानियों में पति का रोल निभाता था।
सरोज बीटेक सेकंड ईयर की छात्रा है, जबकि सावित्री और संतोष ने 12वीं पास की है। पिता रमेश किसान हैं। विक्कू ने इसी साल 12वीं पास किया है। वह अब एलएलबी करना चाहता है। वह तीन भाइयों में सबसे छोटा है। शादी के बाद विक्कू अपनी ससुराल में रह रहा है।
सरोज-सावित्री और संतोष ने बताया कि वे बचपन से साथ रही हैं और भविष्य में भी अलग नहीं होना चाहती थीं। जब परिजनों ने उनके रिश्ते अलग-अलग जगहों पर तय करने की कोशिश की, तो उन्होंने अलग होने के बजाय एक साथ एक ही कैमरामैन से शादी करने का फैसला लिया। विकास के अनुसार, वह उनकी भावनाओं और स्थिति से परिचित था। इसलिए उसने तीनों को साथ रखने के उद्देश्य से उनसे शादी की।
चामुंडा माता मंदिर के प्रबंधक डॉ. शिवचरण दास ने बताया- जिस वक्त शादी की बात बताई जा रही है, उस समय मंदिर में सौंदर्यीकरण का काम चल रहा था। वहां कोई पुजारी मौजूद नहीं था।
व्यापारी नेता मुकेश गुप्ता सहित स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों ने इस शादी पर कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि धार्मिक स्थल पर इस तरह का कृत्य सनातन धर्म और सामाजिक मयार्दाओं का उल्लंघन है। उन्होंने समाज से ऐसे लोगों के खिलाफ कड़े कदम उठाने की अपील की है।
लोगों के विरोध पर तीनों बहनों ने वीडियो जारी किया। उन्होंने कहा- हमने कोई गलत काम नहीं किया है। सारी बात प्रेम की है। हम तीनों एक साथ खुश रह सकते हैं। इसमें कोई बुराई नहीं है। जब हम खुश हैं और हमने शादी की है, इसमें क्या प्रॉब्लम है। हम तीनों बालिग हैं।
हसनपुर कोतवाली प्रभारी राजेश कुमार तिवारी ने बताया कि शादी करने वाली बहनों ने बताया कि हमने अपनी मर्जी से चामुंडा मंदिर में शादी की है।