फेसबुक पर विज्ञापन देखा था, एकाउंट की जानकारी देते ही खाते से निकले रुपए
नोएडा। 69 साल के बुजुर्ग फेसबुक पर दिखे पीएनबी क्रेडिट कार्ड के विज्ञापन के झांसे में आकर 7.80 लाख रुपये गंवा बैठे। पीड़ित की शिकायत पर रविवार रात करीब 8 बजे साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
प्रतीक फेडोरा सोसाइटी निवासी राजेश सरीन ने पुलिस को बताया कि 18 मई 2025 को फेसबुक पर उन्हें पंजाब नेशनल बैंक के क्रेडिट कार्ड से जुड़ा एक विज्ञापन दिखाई दिया। विज्ञापन देखने के कुछ देर बाद उनके पास वाट्सऐप कॉल आई। कॉल करने वाले ने स्वयं को बैंक से जुड़ा प्रतिनिधि बताया और क्रेडिट कार्ड बनवाने की प्रक्रिया पूरी कराने का भरोसा दिलाया।
आरोपी ने राजेश को एक आॅनलाइन फॉर्म भेजा। फॉर्म भरने के दौरान उनसे बैंक खाते से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी ले ली गई। इसके बाद इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से उनके पीएनबी के तीन बचत खातों से चार अलग-अलग लेनदेन में कुल 7.80 लाख रुपये निकाल लिए गए। इनमें एक खाते से तीन लाख रुपये, दूसरे से 2.27 लाख रुपये, तीसरे से 53 हजार रुपये और चौथे लेनदेन में दो लाख रुपये स्थानांतरित किए गए।
खाते से रकम निकलने की जानकारी मिलने पर राजेश ने अगले दिन राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। बाद में उन्होंने साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए रकम वापस दिलाने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। जांच के तहत बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल लेनदेन का ब्योरा खंगाला जा रहा है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाले वित्तीय विज्ञापनों पर बिना पुष्टि किए भरोसा न करें और किसी भी व्यक्ति के साथ बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें।
सेक्टर-61 स्थित एक सोसाइटी में रहने वाले 69 साल के बुजुर्ग फेसबुक पर दिखे पीएनबी क्रेडिट कार्ड के विज्ञापन के झांसे में आकर 7.80 लाख रुपये की साइबर ठगी का शिकार हो गए। पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सेक्टर-61 स्थित प्रतीक फेडोरा सोसाइटी निवासी राजेश सरीन ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 18 मई 2025 को फेसबुक पर पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के क्रेडिट कार्ड से जुड़ा एक विज्ञापन दिखाई दिया। विज्ञापन देखने के बाद उनके पास वाट्सऐप कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को बैंक से जुड़ा बताते हुए क्रेडिट कार्ड बनवाने की प्रक्रिया पूरी कराने का भरोसा दिलाया।
तीन खातों से ट्रांसफर किए पैसे
आरोपी ने पीड़ित को एक आॅनलाइन फॉर्म भेजा, जिसे भरने के लिए कहा गया। फॉर्म भरते समय उनसे बैंक खाते से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी भी ले ली गई। इसके बाद इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से उनके पीएनबी के तीन बचत खातों से चार अलग-अलग ट्रांजेक्शन में 7.80 लाख रुपये निकाल लिए गए। एक खाते से तीन लाख रुपये, दूसरे से 2.27 लाख रुपये, तीसरे से 53 हजार रुपये और चौथे ट्रांजेक्शन में दो लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए।
मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू
खाते से रकम निकलने का पता चलने पर पीड़ित ने 19 मई 2025 को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। बाद में साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराते हुए पुलिस से रकम वापस दिलाने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की पड़ताल कर रही है।