सहारनपुर। रामपुर मनिहारान क्षेत्र में करीब 10 साल पुराने चर्चित ललित हत्याकांड में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-3 की कोर्ट ने मृतक की पत्नी पूजा को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 70 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
एडीजीसी दीपक सैनी ने बताया कि वादी मुकदमा अनिल उर्फ राकेश ने थाना रामपुर मनिहारान में तहरीर देकर बताया था कि उनके बेटे ललित की शादी नकुड़ निवासी पूजा के साथ हुई थी। शादी के बाद उन्हें जानकारी मिली कि पूजा के पहले से किसी युवक से संबंध थे और उसके पास अज्ञात युवकों के फोन आते थे। इस बात को लेकर ललित ने कई बार पत्नी को समझाने का प्रयास किया था।
तहरीर के मुताबिक, चार नवंबर 2016 की शाम करीब सात बजे पूजा ने परिवार के लिए चाय बनाई थी। आरोप है कि उसने चाय में नशीला पदार्थ मिला दिया। चाय पीते ही ललित की मां संयोगिता की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अगले दिन अनिल उर्फ राकेश ने अपने भाइयों को घर भेजकर ललित से इलाज के लिए रुपए मंगवाने को कहा। जब उनके भाई घर पहुंचे तो ललित संदिग्ध हालत में मिला। उसके गले पर रस्सी से गला घोंटने के निशान थे। परिजनों ने पूजा से घटना के बारे में पूछताछ की, लेकिन वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी। इसके बाद ललित को डॉक्टर के पास ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस ने पूजा के साथ मनोज और सुरेश को भी आरोपी बनाया और साक्ष्य जुटाने के बाद आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया। सुरेश को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी दीपक सैनी ने पैरवी की। वहीं बचाव पक्ष ने अदालत से दोषी को कम से कम सजा दिए जाने की प्रार्थना की। दोनों पक्षों की दलीलें, गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने पूजा को पति ललित की हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 70 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।