एक हजार कर्मचारी हड़ताल पर, बरेली और रुहेलखंड डिपो की 500 बसों के पहिए थमे
बरेली। ट्रक और रोडवेज बस में टक्कर लगने के बाद बस ड्राइवर प्रमोद यादव (30) की मौत हो गई। इस घटना से नाराज 1 हजार रोडवेज कर्मी गुरुवार को हड़ताल पर चले गए। इस समय कर्मचारी बस अड्डे पर धरने पर बैठ गए हैं। वे नारेबाजी कर रहे हैं। उन्होंने सड़कों पर बसें खड़ी कर दी है। इससे एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया है।
बरेली में दो डिपो बरेली और रुहेलखंड हैं। दोनों डिपो के करीब 500 बसों के संचालन ठप हो गया है। कर्मचारियों का कहना है कि प्रमोद यादव अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले शख्स थे। उनके निधन के बाद से परिवार बेसहारा हो गया है। इसलिए उनके परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा मिलना चाहिए। इसके अलावा पत्नी को सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए। जब तब मांगें पूरी नहीं की जाएगी। कर्मचारी काम पर वापस नहीं लौटेंगे।
कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने की सूचना मिलने के बाद परिवहन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। वे कर्मचारियों से बात कर उन्हें समझाने का प्रयास कर रहे हैं। कर्मचारी अभी भी धरने पर डटे हुए हैं।
प्रमोद यादव हाफिजगंज क्षेत्र के रम्पुरा गांव के रहने वाले थे। वह बुधवार रात में लखनऊ से बरेली बस लेकर लौट रहे थे। रात करीब 10 बजे शाहजहांपुर के तिलहर क्षेत्र में उनकी बस ट्रक से भिड़ गई। मौके पर चीख पुकार मच गई। प्राइवेट एंबुलेंस की मदद से घायल ड्राइवर को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हादसे की सूचना जैसे ही रोडवेज कर्मचारियों को हुई। वे आक्रोशित हो गए। उन्होंने गुरुवार सुबह हड़ताल पर जाने का एलान कर दिया। रुहेलखंड और बरेली डिपो की करीब 500 बसों के संचालन पर रोक लगा दी। इससे सड़कों पर एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया।
कर्मचारी काम छोड़कर बस अड़े पर धरने पर बैठ गए। परिवहन विभाग के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। करीब 1 हजार कर्मचारी प्रोटेस्ट में शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि हादसे के बाद उनकी तरफ से परिवहन विभाग के अधिकारियों को सूचना देने के लिए फोन किया गया था लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। अगर समय रहते उसे इलाज मिल गया होता तो शायद उसकी जान बच सकती थी।
ड्राइवर के परिवार को 50 लाख की मदद मिलनी चाहिए
कर्मचारियों का कहना है कि अधिकारी कर्मचारियों को शोषण करते हैं। उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं देते। इसका खामियाजा उन्हें अपनी जान देकर भुगतना पड़ता है। ड्राइवर प्रमोद यादव अपने परिवार के एकलौते कमाने वाले शख्स थे। इसलिए उनके परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए। इसके अलावा उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए ताकि वे अपना और अपने परिवार का भविष्य सुरक्षित कर सके। रोडवेज कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने की सूचना मिलने के बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों को समझाकर काम पर वापस लौटने की अपील की लेकिन कर्मचारी अपनी मांगों पर डटे हुए हैं उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जाएंगी वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे।
परिवार को सहायता राशि दिलाएंगे
वहीं इस मामले पर रुहेलखंड डिपो के एआरएम अरुण बाजपेई का कहना है कि प्रमोद यादव रुहेलखंड डिपो की बस चलाते थे। देर रात सड़क हादसे में उनका निधन हो गया। ये एक दुखद घटना है। मृतक के परिवार को हर संभव आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों की मांगों पर विचार किया जा रहा है। अगर किसी भी अधिकारी के स्तर पर कोई लापरवाही पाई जाती है तो उसके खिलाफ भी एक्शन लिया जाएगा।