आईआईएमटी यूनिवर्सिटी की छात्रा की मौत से गुस्साए परिजनों ने छात्रों संग एसपी देहात से की मांग
शारदा रिपोटर मेरठ। गंगानगर थानाक्षेत्र के आईआईएमटी विश्वविद्यालय में बीते दिनों हुई छात्रा अनु की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से परिजन बेहद गुस्से में है। उनका कहना है की विश्वविद्यालय प्रशासन की प्रताड़ना से उनकी बेटी की जान गई। जो बेहद निंदनीय कृत्य है। परिजनों का साफ कहना है कि, जब तक इस मामले में यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होगी। तब तक वह चैन से नहीं बैठेंगे।
सोमवार को सहारनपुर में रहने वाले अनु के पिता ओमकार गुप्ता पुत्र हरिराम दर्जनों छात्रों के साथ पुलिस आॅफिस पहुंचे। इस दौरान उन्होंने एसपी देहात अभिजीत कुमार को एक शिकायत पत्र सौंपते हुए बताया कि, जिस समय उन्होंने मुकदमा दर्ज कराया था, उस समय मेरी पुत्री अनु गोयल की आकस्मिक मृत्यु के कारण मैं अत्यधिक मानसिक आघात एवं शोक की स्थिति में था, जिसके कारण मैं सभी तथ्यों को स्पष्ट रूप से नहीं बता सका था।
उन्होंने कहा कि, मेरी पुत्री अनु आईआईएमटी यूनिवर्सिटी में एमबीए द्वितीय वर्ष, चतुर्थ सेमेस्टर की छात्रा थी। मृत्यु से पूर्व उसने कई बार मुझे बताया था कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। विशेष रूप से विश्वविद्यालय के विभाग के डीन एंव विभाग अध्यक्ष नीरज गुप्ता, चेयरमैन योगेश मोहन गुप्ता, एमडी मयंक अग्रवाल, वीसी दीपा शर्मा, एडमिन डायरेक्टर सन्दीप कुमार द्वारा उस पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा था।
उन्होंने कहा कि घटना वाले दिन जब मेरी पुत्री गांव ताजपुर स्थित घर से विश्वविद्यालय गई थी, तब उसने मुझसे कहा था कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने उसे डिबार कर दिया है। उसने बताया था कि प्रशासन द्वारा यह कहा जा रहा है कि उसकी उपस्थिति कम है और इसी आधार पर उसका नाम काटा जा रहा है। जिसके चलते उसे आगामी परीक्षा में बैठने नहीं दिया जाएगा। मेरी पुत्री इस बात को लेकर अत्यंत भयभीत एवं मानसिक रूप से परेशान थी।
पीड़ित की बात सुनने के बाद एसपी देहात अभिजीत कुमार ने इस पूरे मामले में उचित जांच कर सख्त कार्यवाही का आश्वासन दिया है।