शारदा रिपोर्टर मेरठ। हाईकोर्ट बैंच की स्थापना की मांग को लेकर बुधवार को कचहरी परिसर में अधिवक्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान जिला बार एसोसिएशन के आह्वान पर सैकड़ों अधिवक्ता एकजुट हुए और कचहरी के सभी न्यायालयों में घूम-घूमकर कार्य बंद कराया। सुबह 11 बजे अधिवक्ता जिला बार पर एकत्रित हुए, जहां बार अध्यक्ष रविंद्र कुमार सिंह ने बैंच की जरूरत पर विस्तार से बात रखी।

उन्होंने कहा कि आम जनता को न्याय के लिए 300-400 किमी दूर हाईकोर्ट जाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों बर्बाद होते हैं। इसके बाद अधिवक्ताओं का जुलूस कचहरी परिसर में निकला और सभी अदालतों के बाहर नारेबाजी की गई। “हाईकोर्ट बैंच लेकर रहेंगे” और “न्याय सबका अधिकार” जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।अधिवक्ताओं ने न्यायिक अधिकारियों से अनुरोध कर बुधवार का पूरा कार्य स्थगित करवाया।
बार महासचिव ने बताया कि बैंच न होने से 5 लाख से ज्यादा वादकारी प्रभावित हो रहे हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 26 जिलों के लोगों को मेरठ या इलाहाबाद तक जाना पड़ता है। प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि, जसवंत सिंह आयोग ने भी यहां बैंच की सिफारिश की थी, लेकिन अब तक अमल नहीं हुआ।
वरिष्ठ अधिवक्ता रामकुमार शर्मा ने कहा कि बैंच बनने से लंबित मामलों का निपटारा तेजी से होगा। युवा अधिवक्ताओं ने भी कहा कि स्थानीय स्तर पर बैंच बनने से उन्हें प्रैक्टिस के बेहतर अवसर मिलेंगे।कार्य बंद होने से दूर-दराज से आए वादकारी परेशान दिखे, लेकिन ज्यादातर ने मांग का समर्थन किया।वादकारी सुनीता देवी ने कहा कि हर तारीख पर 2000 रुपये खर्च हो जाते हैं, बैंच यहां बन जाए तो राहत मिलेगी। बार एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि मांग पूरी न होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

