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ऑनलाइन दवा बिक्री जनस्वास्थ्य पर उत्पन्न हो रहा गंभीर खतरा, होलसेलर एंड रिटेलर केमिस्ट एसोसिएशन का मेरठ कलेक्ट्रेट प्रदर्शन

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शारदा रिपोर्टर मेरठ। अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री, जनस्वास्थ्य पर उत्पन्न गंभीर खतरे और छोटे केमिस्टों के संरक्षण के लिए तत्काल हस्तक्षेप किए जाने की मांग को लेकर बुधवार को होलसेलर एंड रिटेलर केमिस्ट एसोसिएशन के सदस्यों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि, उन्होंने अपनी सभी दवा दुकानें एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल के रूप में बंद रखी हैं। यह कदम लंबे समय से संबंधित प्राधिकरणों से लगातार निवेदन एवं आग्रह करने के बावजूद इंटरनेट के माध्यम से हो रही अवैध दवा बिक्री पर कोई प्रभावी कार्यवाही न होने के विरोध स्वरूप उठाया गया है।

 

 

उन्होंने बताया कि, देशभर के लाखों केमिस्ट एवं दवा विक्रेताओं में व्याप्त गहरे असंतोष के कारण, ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स और ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स उत्तर प्रदेश राज्य केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के आह्वान पर केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन जिले के समस्त केमिस्ट एवं दवा विक्रेताओं ने संयुक्त एवं सर्वसम्मति से इस आंदोलन में भाग लिया है। स्थानीय प्रशासन / शासन को यह ज्ञापन प्रस्तुत कर हम आपका ध्यान जनस्वास्थ्य एवं मरीजों की सुरक्षा से जुड़े अत्यंत गंभीर विषयों की ओर आकर्षित करना चाहते हैं। क्योंकि, बिना किसी स्पष्ट वैधानिक प्रावधान के ऑनलाइन माध्यम से दवाओं की बिक्री, फर्जी ई-प्रिस्क्रिप्शन, बिना वैध चिकित्सकीय परामर्श के घर-घर दवा वितरण तथा अत्यधिक छूट जैसी गतिविधियां करोड़ों मरीजों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुकी हैं। साथ ही, वे देशभर के लाखों लाइसेंसधारी छोटे केमिस्ट एवं दवा व्यापारियों के अस्तित्व पर भी सीधा संकट उत्पन्न कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि, ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 एवं नियम 1945 में ऑनलाइन दवा बिक्री का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं होने के बावजूद विभिन्न ऑनलाइन कंपनियों वर्षों से दवाओं की बिक्री कर रही हैं। वर्ष 2018 में केवल जनमत आमंत्रित करने हेतु जारी अधिसुचना GSR 817(E) अब अप्रासंगिक एवं निरर्थक हो चुकी है।इसी प्रकार कोविड महामारी जैसी असाधारण परिस्थिति में जारी GSR 220(E), जिसकी आवश्यकता केवल आपातकालीन समय में थी, वर्तमान सामान्य परिस्थितियों में आवश्यक नहीं है। किंतु इसका दुरुपयोग विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म एवं क्विक कॉमर्स कंपनियों द्वारा अनियंत्रित होम डिलीवरी हेतु किया जा रहा है।

इन समस्त विषयों को समय-समय पर प्रमाण सहित केंद्र सरकार एवं संबंधित प्राधिकरणों के समक्ष प्रस्तुत किया गया, किंतु अवैध गतिविधियों को स्वीकार किए जाने के बावजूद कोई ठोस एवं प्रभावी कार्यवाही दृष्टिगोचर नहीं हुई। इसलिए जनस्वास्थ्य तथा छोटे केमिस्टों एवं दवा व्यापारियों को होने वाली अपूरणीय क्षति को रोकने के लिए यह मांग करते हैं कि, अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री के विरुद्ध तत्काल एवं कठोर कार्यवाही की जाए। बिना वैध एवं सत्यापित ई-प्रिस्क्रिप्शन के दवाओं की बिक्री एवं होम डिलीवरी पूर्णतः प्रतिबंधित की जाए। जीएसआर को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म द्वारा अपनाई जा रही अत्यधिक छूट एवं नीति पर रोक लगाई जाए।

 

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