– 5-10 लाख रुपये किया था भुगतान।
नई दिल्ली। नीट यूजी पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो की जांच मास्टरमाइंड और बिचौलियों के बाद अब पेपर खरीदने वाले अभिभावकों तक पहुंची है। सीबीआई जांच में यह बात सामने आई है कि इस पूरे मामले के मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी और मनीषा मंधारे दोनों खुद एक नामी शिक्षक हैं, इसलिए दोनों के पास स्टूडेंट का बड़ा डाटा मौजूद था।

सीबीआई अपनी जांच में अब यह पता लगाने में जुटी है कि पेपर लीक के तार महाराष्ट्र और देश के अन्य राज्यों में गिरफ्तार मास्टरमाइंडों द्वारा कहां तक पहुंचा हुआ था। इसी तर्ज पर नाशिक, लातूर, बीड, अहिल्यानगर, पुणे और राज्य के कई कोचिंग इंस्टीट्यूट में सीबीआई द्वारा पूछताछ की जा रही है।
महाराष्ट्र के नांदेड़ में भी एक परिवार से लगभग 8 घंटे तक पूछताछ की गई, क्योंकि अपने बच्चों के लिए जिन अभिभावकों ने लाखों रुपये देकर नीट का पेपर खरीदा वह भी सीबीआई की रडार पर हैं। महाराष्ट्र के नांदेड़ में स्थित विद्युत नगर इलाके में सीबीआई की आठ अलग-अलग टीमों ने कुछ परिवारों से पूछताछ की। आरोप है कि उन्होंने अपनी बेटियों के लिए नीट के पेपर खरीदे और लगभग 5 लाख से 10 लाख के बीच भुगतान किया।
बता दें कि नीट पेपर लीक में मामले में अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें पीवी कुलकर्णी, मनीषा गुरुनाथ मंधारे, मनीषा वाघमारे, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, यश यादव, दिनेश बिवाल, मांगीलाल बिवाल और विकास बिवाल शामिल हैं। सबसे ज्यादा 5 आरोपी महाराष्ट्र से हैं। तीन राजस्थान और एक आरोपी हरियाणा का है।


