Homeदेशभारत में 5 अरब डालर का निवेश करेगा यूएई

भारत में 5 अरब डालर का निवेश करेगा यूएई

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– रक्षा, ऊर्जा और गैस सप्लाई पर हुए कई अहम समझौते।

एजेंसी, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूएई यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा, गैस सप्लाई और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश से जुड़े कई अहम समझौते हुए। यूएई ने भारत में पांच अरब डॉलर के निवेश का भी एलान किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पांच देशों का दौरा यूएआई से शुरू हो गया। इसके बाद पीएम नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे और इटली जाएंगे। प्रधानमंत्री मोदी सुबह साढ़े आठ बजे यूएआई के लिए रवाना हुए और अब वह यूएई पहुंच गए हैं। शुक्रवार को अबू धाबी पहुंचते ही उनका भव्य स्वागत किया गया।

 

 

पीएम मोदी को गार्ड आॅफ आॅनर दिया गया। वहीं, आबू धाबी में पीएम मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल-नाहयान से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा, दोनों देश एक सात आगे बढ़ते रहेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से अपने पांच देशों के दौरे की शुरूआत करेंगे। विदेश मंत्रालय मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी अगले 6 दिनों में कुल 5 देशों का दौरा करेंगे। 15 मई को सबसे पहले पीएम मोदी यूएआई जाएंगे, इसके बाद वे नीदरलैंड के लिए रवाना होंगे। नीदरलैंड के बाद प्रधानमंत्री स्वीडन और नॉर्वे जाएंगे. इस दौरे में पीएम मोदी का अंतिम पड़ाव इटली होगा। पीएम मोदी की अबू धाबी यात्रा काफी अहम है।

पीएम की यात्रा में ऊर्जा सुरक्षा क्षेत्र पर मुख्य फोकस रहेगा। ऐसा माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री से वअए के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ आपूर्ति और स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम भंडार पर जरूरी समझौतों पर हस्ताक्षर किया जा सकता है।

ऊर्जा सहयोग ऐसे समय में सामने आया है, जब अमेरिका-ईरान युद्ध की वजह से होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी से वैश्विक ऊर्जा संकट बढ़ा हुआ है। फिलहाल, ईरान इस अहम स्ट्रेट में समुद्री यातायात को रोक रहा है। इसके अलावा, ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी से भी तनाव ज्यादा बढ़ा हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंडियन आॅयल कॉपोर्रेशन और अबू धाबी नेशनल आॅयल कंपनी के एक स्ट्रैटेजिक सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। इसके अलावा, इंडियन स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व्स लिमिटेड बीच रणनीतिक तेल भंडार को लेकर भी समझौते पर हस्ताक्षर हो सकता है।

यूएआई की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी की यात्रा का मुख्य फोकस दोनों देशों के बीच स्ट्रैटेजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक और आपसी संबंधों को मजबूत करने पर भी रहेगा. वअए भारत की ऊर्जा सुरक्षा में एक अहम साझीदार रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले साल यूएआई कच्चे तेल का चौथा सबसे बड़ा स्रोत था, जिसने भारत की जरूरत का लगभग 11% हिस्सा पूरा किया यूएआई भारत के लिए का सबसे बड़ा स्रोत है, जो भारत की जरूरत का लगभग 40% हिस्सा पूरा करता है।

 

यह खबर भी पढ़िए :- अब नीट यूजी परीक्षा 21 जून को

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