– यूट्यूबर ने दिव्यांगों को लेकर बनाई थी रील, दिव्यांग जन समिति ने किया प्रदर्शन।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। दिव्यांग जन अधिकार अधिनियम, 2016 के उल्लंघन, दिव्यांग व्यक्ति के अपमान, मानसिक उत्पीड़न एवं अमानवीय प्रस्तुतीकरण संबंधी वीडियो बनाने/प्रसारित करने वाले शादाब जकाती के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर शुक्रवार को दिव्यांगजन कल्याण समिति के दर्जनों सदस्य ने कमिश्नर चौराहे पर प्रदर्शन किया।

इस दौरान उन्होंने बताया कि, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इंचौली, जिला मेरठ के निवासी सादाब जकाती द्वारा एक वीडियो तैयार कर प्रसारित किया गया है। उक्त वीडियो का अवलोकन करने पर स्पष्ट प्रतीत होता है कि, उसमें दिव्यांग व्यक्ति की स्थिति को हास्य, उपहास, तिरस्कार एवं अपमानजनक रूप में प्रस्तुत किया गया है। वीडियो की भाषा, प्रस्तुति एवं उद्देश्य से दिव्यांग व्यक्तियों की गरिमा को गंभीर ठेस पहुंचती है और समाज में उनके प्रति नकारात्मक, भेदभावपूर्ण एवं अमानवीय दृष्टिकोण को बढ़ावा मिलता है।
प्रदर्शन कर रहे सदस्यों ने बताया कि, भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता, गरिमा एवं सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार प्रदान करता है। दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 विशेष रूप से दिव्यांग व्यक्तियों के सम्मान, सुरक्षा एवं समान अवसर सुनिश्चित करने हेतु बनाया गया है। उक्त वीडियो में प्रदर्शित कृत्य इस अधिनियम की मूल भावना एवं वैधानिक प्रावधानों का प्रत्यक्ष उल्लंघन प्रतीत होते हैं।
अधिनियम, 2016 की धारा विशेष रूप से लागू होती हैं। इस धारा के अनुसार प्रत्येक दिव्यांग व्यक्ति को समानता, गरिमा एवं सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार है और किसी भी प्रकार का भेदभाव प्रतिबंधित है। उन्होंने कहा कि, वीडियो में दिव्यांगता को उपहास एवं मनोरंजन का माध्यम बनाकर प्रस्तुत करना इस अधिकार का उल्लंघन है।
उन्होंने कहा कि, आज के डिजिटल एवं सोशल मीडिया युग में इस प्रकार की सामग्री न केवल एक व्यक्ति बल्कि सम्पूर्ण दिव्यांग समुदाय की गरिमा एवं संवैधानिक अधिकारों पर आघात करती है। इसलिए दिव्यांग जन कल्याण समिति यह मांग करती है कि, उक्त वीडियो की तत्काल डिजिटल एवं तकनीकी जांच कराई जाए। वीडियो बनाने, प्रसारित करने एव वायरल करने में शामिल व्यक्तियों की पहचान की जाए और आरोपी शादाब जकाती के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।

