– सर्किट हाउस में राज्य महिला आयोग की सदस्य डा. हिमानी अग्रवाल ने की जनसुनवाई।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. हिमानी अग्रवाल ने गुरुवार को सर्किट हाउस में जनसुनवाई की। इस जनसुनवाई में मेरठ मंडल के विभिन्न जिलों से आईं 47 महिलाओं ने अपनी समस्याएं रखीं। सुबह 11 बजे शुरू हुई जनसुनवाई शाम 4 बजे तक चली, जिसमें घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न और संपत्ति विवाद के मामले प्रमुख रहे। इस दौरान डॉ. हिमानी अग्रवाल ने एक-एक महिला की शिकायत को गंभीरता से सुना और मौके पर मौजूद अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि, आयोग का उद्देश्य पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाना और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। जनसुनवाई में 12 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कराया गया, जबकि 18 मामलों में संबंधित थानों से रिपोर्ट तलब की गई। दहेज के लिए प्रताड़ित की जा रही कंकरखेड़ा की एक महिला को तत्काल पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
वहीं, मवाना की एक विधवा महिला की पेंशन न मिलने की शिकायत पर समाज कल्याण विभाग को 7 दिन में समाधान के आदेश दिए। डॉ. अग्रवाल ने अधिकारियों से कहा कि महिला उत्पीड़न के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं को कानून और सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए विशेष शिविर लगाने को भी कहा।
जनसुनवाई के दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी, एसीपी महिला अपराध और डीपीओ सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। वहीं, डॉ. हिमानी ने बताया कि आयोग ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाकर महिलाओं को सशक्त बना रहा है। उन्होंने पीड़ित महिलाओं से अपील की कि अन्याय सहने के बजाय आयोग या हेल्पलाइन 181 पर शिकायत दर्ज कराएं।
महिला आयोग की सदस्य ने कहा कि प्रत्येक शिकायत की मॉनिटरिंग स्वयं उनके स्तर से की जाएगी। जनसुनवाई में कार्यस्थल पर उत्पीड़न, भरण-पोषण और पारिवारिक विवाद के मामले भी सामने आए। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि 15 दिन के भीतर सभी लंबित प्रकरणों की आख्या आयोग को भेजी जाए।
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश भर में जनसुनवाई कर महिलाओं को न्याय दिलाना प्राथमिकता है। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने कहा कि महिला आयोग हर पीड़िता के साथ खड़ा है और दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी।

