– मुकदमे की चेतावनी से भड़के व्यापारी।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। सेंट्रल मार्केट में सीलिंग कार्रवाई के विरोध में महिलाओं और व्यापारियों का धरना जारी है। पुलिस ने धरना खत्म करने को कहा है और चेतावनी दी है कि शांति भंग करने की कोशिश पर मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के विरोध में चल रहा धरना अब पुलिस और व्यापारियों के बीच तनातनी का कारण बनता जा रहा है। पुलिस ने व्यापारियों से धरना खत्म करने को कहा है, जबकि व्यापारियों का आरोप है कि धरना जारी रखने पर मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी जा रही है। इससे व्यापारियों में नाराजगी बढ़ गई है।

सेंट्रल मार्केट में प्रभावित व्यापारी और उनके परिजन पिछले कई दिनों से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। धरनास्थल पर बड़ी संख्या में महिलाएं भी बैठी हुई हैं। पुलिस द्वारा धरना खत्म करने के लिए कहे जाने के बाद व्यापारियों में गुस्सा बढ़ गया। नाराज व्यापारी तिरंगा बाजार बंद कर धरनास्थल की ओर पहुंचने लगे, जिससे माहौल और गरमा गया।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर चल रही कार्रवाई: सेंट्रल मार्केट में आवासीय भूखंडों पर बने व्यावसायिक भवनों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई के कारण बड़ी संख्या में व्यापारियों और उनके परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। प्रभावित व्यापारी इस दौरान अवैध निर्माण के समय लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
बीएनएसएस की धारा 168 के तहत नोटिस: पुलिस ने कुछ लोगों को बीएनएसएस की धारा 168 के तहत नोटिस दिए हैं। इस धारा के तहत पुलिस को आशंका होने पर संभावित अपराध या शांति भंग की स्थिति को रोकने के लिए पहले से कार्रवाई करने का अधिकार होता है।
सीलिंग के दौरान करीब 20 लोगों को नोटिस देकर पूछा गया है कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में की जा रही कार्रवाई में बाधा डालने और लोगों को उकसाने के मामले में उनके खिलाफ मुकदमा क्यों न दर्ज किया जाए।


