– पुलिस ने बैरिकेडिंग की, पीएसी तैनात, व्यापारियों ने लगाया प्रशासन पर जबरन हटाने की कोशिश का आरोप।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। सेंट्रल मार्केट में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लगातार सातवें दिन व्यापारियों का विरोध जारी है। व्यापारी धरने पर बैठे हैं। वहीं, आज सुबह से ही बाजार में पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी और पीएसी (पीएसी) बल भी तैनात कर दिया गया।

मार्केट में अचानक बढ़ी सुरक्षा व्यवस्था को देखकर व्यापारियों को आशंका है कि प्रशासन कहीं जबरन प्रदर्शन खत्म कराने की कोशिश न करे। कई व्यापारियों ने कहा- वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे हैं, लेकिन पुलिस बल की बढ़ती मौजूदगी से तनाव बढ़ रहा है।

प्रदर्शन के दौरान बुधवार को एडीएम सिटी बृजेश कुमार सिंह भी मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने व्यापारियों से बातचीत कर उन्हें समझाने की कोशिश की थी, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। इसके बाद गुरुवार को और अधिक पुलिस बल की तैनाती की गई।
व्यापारियों के समर्थन में हिंदू संगठन के नेता सचिन सिरोही ने दिल्ली तक पैदल यात्रा निकालने का ऐलान किया था। हालांकि, पुलिस ने इस यात्रा को शुरू होने से पहले ही रोक दिया।
वहीं, प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने स्पष्ट किया कि वे किसी यात्रा का हिस्सा नहीं हैं और अपनी मांगों को लेकर मार्केट में ही बैठकर प्रदर्शन जारी रखेंगी। फिलहाल मौके पर पुलिस और प्रशासन की निगरानी बनी हुई है, जबकि व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों को बचाने की मांग पर अड़े हुए हैं।
उल्लेखनीय है कि नौ अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने 859 आवासीय भू-खंडों में चल रही आवासीय गतिविधियों को बंद कर सैट बैक करने के लिए आदेश दिया था। इसके बाद से ही वहां के व्यापारी और स्थानीय निवासी इसके विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं।
व्यापारियों ने 17 अप्रैल को बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया
संयुक्त व्यापार संघ (नवीन गुप्ता गुट) की बैठक में प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ रोष व्यक्त करते हुए 17 अप्रैल को आवास विकास कार्यालय पर बड़े प्रदर्शन की रणनीति बनाई गई।
संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने कहा कि प्रशासन केवल व्यापारियों को निशाना बना रहा है। उन्होंने कहा कि सेंट्रल मार्केट जैसे दशकों पुराने बाजार में 350 दुकानों को सील किया जा चुका है और अब सेक्टर-2 समेत पूरे शास्त्रीनगर और जागृति विहार के बाजारों पर भी कार्रवाई का खतरा मंडरा रहा है।
उन्होंने कहा कि नियम ऐसे होने चाहिए जो विकास को बढ़ावा दें, न कि व्यापारियों को भुखमरी की ओर धकेलें। इसी के विरोध में 17 अप्रैल को सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक आवास विकास कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा।


