– ऋण की किश्तें बैंक के बजाए अपने खाते में ट्रांफसर की।
आजमगढ़। शहर कोतवाली में 15 लाख रुपए से अधिक की धोखाधड़ी किए जाने के मामले में बैंक कर्मी की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता अमित तिवारी ने बताया कि वह जिला गाजीपुर वर्तमान समय में भारत फाइनेंसियल इंक्लुजन लिमिटेड की आजमगढ़ ब्रांच पर ब्रांच मैनेजर के पद पर कार्यरत है। आरोप लगाया है कि हमारी कंपनी इंडसइंड बैंक की सहायक संस्था है। जिसका प्रमुख कार्य गरीब महिलाओं का समूह बनाकर उन्हें स्वस्वरोजगार के लिए ऋण वितरित करने पर्व ऋण की साप्ताहिक अदायगी की प्रक्रिया है।

हमारी शाखा भंवरनाथ से गोरखपुर रोड शारदा पेटोल पंप के सामने स्थित है। ब्रांच में कार्यरत कर्मचारियों प्रमोद कुमार पाल, ठाकुर कुमार भारती, राजकुमार रमा, संजय यादव, प्रदीप कुमार यादव, चंदन सरोज और आलोक कुमार दुबे सभी लोग आजमगढ़ शाखा पर फील्ड कलेक्शन स्टफ के पद पर नियुक्त थे। सभी ने अलग अलग दिनों में ड्यूटी के दौरान महिला ग्राहकों से बैंक के ऋण की किश्ते और प्री पेमेंट अमाउंट लेकर बैंक में जमा नहीं किये स्वयं के उपयोग में लेकर बैंक की राशि गबन करके ब्रांच से भाग गए।
पुलिस को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि सभी कर्मचारियों ने मिलकर 15 लाख रुपए से अधिक की धोखाधड़ी की घटना को अंजाम दिया है बैंक में जमा किए जाने वाले इस पैसे को स्वयं में उपयोग किया है। काफी प्रयास के बाद भी आज तक उपरोक्त सभी कर्मचारियों द्वारा बैंक का पैसा वापस नहीं किया गया है तथा सभी स्टफ द्वारा न्यास भंग का अपराध कारित करते हुये संस्था को भारी बित्तीय क्षति पहुँचाते हुये बैंक की छवि को भी फील्ड में खराब किया गया है।
फ्राड की जानकारी कम्पनी के आॅडिट टीम द्वारा फील्ड वेरिफिकेशन एवं जांच के बाद सामने आयी है। अब जब यह स्पस्ट हो गया कि उक्त कर्मचारी बैंक का पैसा वापस नहीं करेंगे तो कार्यवाही हेतु प्रार्थना पत्र दे रहे है। पुलिस के मामले में मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।

