– गन्ने के खेत में शावक मिलने से फैली हुई थी दहशत, रेंज कार्यालय भेजा गुलदार।
बिजनौर। कई दिनों से मादा गुलदार की दहशत से परेशान ग्रामीणों को आखिरकार शनिवार को राहत मिल गई। वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में मादा गुलदार के फंसने के बाद क्षेत्र में स्थिति सामान्य होने लगी है। इससे पहले गांव निवासी हितेश्वर सिंह के गन्ने के खेत में गुलदार के तीन शावक मिलने के बाद मादा गुलदार लगातार आसपास के खेतों में सक्रिय थी, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया था। वन विभाग की टीम ने निगरानी करते हुए पिंजरा लगाया और कुछ ही समय में गुलदार को पकड़कर सुरक्षित रूप से रेंज कार्यालय ले जाया गया।

यह मामला नहटौर ब्लॉक क्षेत्र के मटौरामान गांव का है। यहां पिछले कुछ दिनों से मादा गुलदार के कारण ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ था। गुरुवार को गांव निवासी हितेश्वर सिंह के गन्ने के खेत में गुलदार के तीन शावक मिलने के बाद क्षेत्र में डर का माहौल फैल गया था। शावकों की मौजूदगी के कारण मादा गुलदार लगातार अपने बच्चों की तलाश में आसपास के खेतों में सक्रिय थी।
मादा गुलदार की लगातार आहट से ग्रामीणों में भारी भय व्याप्त हो गया था। लोगों ने खेतों पर जाना लगभग बंद कर दिया था और शाम होते ही गांव में सन्नाटा छा जाता था। बच्चों को भी घरों से बाहर निकलने से रोका जा रहा था।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग की टीम ने शुक्रवार को प्रभावित खेत के पास पिंजरा लगाया। कुछ ही समय बाद मादा गुलदार उस पिंजरे में कैद हो गई। इसके बाद विभाग की टीम ने उसे सुरक्षित रूप से पकड़कर रेंज कार्यालय ले जाया गया।
घटना के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर सुरक्षा संबंधी जरूरी निर्देश भी दिए थे। इनमें खेतों में अकेले न जाकर हमेशा 3-4 लोगों के समूह में जाने, काम करते समय तेज आवाज में बात करने या शोर मचाने, बच्चों को घरों से बाहर या खेतों की ओर अकेला न भेजने और सुरक्षा के लिए साथ में हमेशा मजबूत लाठी रखने की सलाह दी गई थी।
डिप्टी रेंजर हरदेव सिंह ने बताया कि मादा गुलदार अपने शावकों की सुरक्षा के कारण अधिक हिंसक हो सकती थी, इसलिए ग्रामीणों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता थी। हमारी टीम लगातार क्षेत्र की निगरानी कर रही थी। गुलदार के पकड़े जाने के बाद गाँव में स्थिति अब नियंत्रण में है। हालांकि, वन विभाग ने अभी भी एहतियात बरतने की सलाह दी है।


