– दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुआ हादसा।
कानपुर। कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सड़क हादसे में उत्तर प्रदेश के चार लड़कों की मौत हो गई। तेज रफ्तार कार आगे चल रहे ट्रक में घुस गई। हादसा इतना भीषण था कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। कार में सवार चारों युवक बुरी तरह से फंस गए थे। पुलिस ने कड़ी मशक्कत से युवकों को गाड़ी से बाहर निकालकर हॉस्पिटल भिजवाया। जहां डॉक्टरों ने चारों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस का कहना है कि ड्राइवर को झपकी आने से ब्रेजा कार ट्रक में घुस गई।

हादसा रविवार दोपहर 3:45 बजे कोटा जिले के चेचट थाना क्षेत्र में हुआ। मृतकों की पहचान श्रेष्ठ बाजपेई (21), प्रांजुल चतुवेर्दी (26), अंकुश दुबे (25) तीनों गांव रूरा जिला कानपुर देहात के रहने वाले थे, वहीं चौथा मृतक अंश प्रताप सिंह (20) गोंडा जिले के धौलपुरवा गांव का रहने वाला था। सभी युवक उज्जैन में महाकाल के दर्शन कर यूपी लौट रहे थे।
मृतकों में प्रांजल चतुवेर्दी, श्रेष्ठ बाजपेयी और अंकुश दुबे कानपुर देहात की रूरा नगर पंचायत के थे। ये तीनों दोस्त थे। प्रांजल चतुवेर्दी मूल रूप से डेरापुर क्षेत्र के बिजहारा गांव का रहने वाला था। वे पिछले 15-20 साल से रूरा में रह रहा था।
दो साल पहले प्रांजल की शादी रूरा के सुभाष नगर निवासी राम खिलावन पांडे की बेटी आरोही से हुई थी। 2 महीने पहले ही उनके घर बेटे का जन्म हुआ था। प्रांजल तीन बहनों में इकलौते भाई था और गाड़ी चलाने का काम करता था।
वहीं 19 वर्षीय श्रेष्ठ बाजपेयी बजरंगनगर रूरा का रहने वाला था। उनके पिता अनूपम बाजपेयी एक प्राइवेट स्कूल चलाते हैं। श्रेष्ठ पिछले तीन सालों से बाहर रहकर पढ़ाई करता था। अपने 2 भाइयों में सबसे बड़ा था। मड़ौली गांव के मूल निवासी अंकुश दुबे रूरा के पालीवाल नगर में किराए के मकान में रहते थे। उनके पिता बिंदु दूबे सपा के नेता के ड्राइवर हैं।
ड्राइवर को झपकी आने से हुआ हादसा
कोटा ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने बताया- चारों युवक शनिवार को उज्जैन पहुंचे थे। दर्शन करने के बाद रविवार सुबह वहां से कानपुर के लिए रवाना हुए। एक्सप्रेस-वे पर लगे सीसीटीवी देखने पर पता चल रहा है कि गाड़ी स्पीड में थी और लहरा रही थी। ड्राइवर को झपकी आने के चलते कार आगे चल रहे ट्रक में घुस गई होगी। पुलिस ने हादसे के बाद ट्रक ड्राइवर को हिरासत में ले लिया है। मृतक युवकों के परिजनों को सूचित कर दिया है। कानपुर से उनके परिजन रवाना हो गए हैं। चारों के शव को रामगंजमंडी हॉस्पिटल की मॉच्यूर्री में शिफ्ट करवाया गया है। प्रांजुल चतुवेर्दी लखनऊ में बिजली विभाग में संविदा के रूप पर काम करते थे। वे शादीशुदा थे और उनके एक बेटा है। वहीं घटना के बारे में सुनते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

