– रात के अंधेरे में घने जंगल के रास्ते ला रहे थे।
श्रावस्ती। पुलिस ने नेपाल से लड़कियों की तस्करी का बड़े नेटवर्क का भंड़ाफोड़ किया है। दो तस्कर नौकरी का झांसा देकर चार लड़कियों को रात के अंधेरे में घने जंगल के रास्ते बॉर्डर पार ला रहे थे। खुफिया इनपुट के आधार पर एसएसबी और पुलिस पहले से एक्टिव थी। उन्हें पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया।

आहट होते ही तस्करों को घेर लिया। पुलिस को देखकर बाइक सवार तस्कर घबरा गए। बाइक छोड़कर भागने लगे। पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार किया और लड़कियों बचाया। पूछताछ में तस्करों ने बताया कि लड़कियों को आॅर्केस्ट्रा में नाचने का काम दिलाने का लालच दिया था। उन्हें जिस्म फरोशी के धंधे में उताने की तैयारी थी।
पुलिस ने बताया कि लड़कियां बेहद डरी हुई थीं। जोर-जोर से रोने लगीं। रेस्क्यू टीम के साथ मौजूद महिला सिपाहियों ने लड़कियों की काउंसिलिंग की। शांत कराया। तब जाकर उन्होंने पूरी कहानी बताई। मामला 31 जनवरी का है। जिसका खुलासा पुलिस ने रविवार को किया।
31 जनवरी को सिरसिया थाना के उपनिरीक्षक दीपक गिरी नेपाल-भारत सीमा पर एसएसबी के साथ बॉर्डर कोआॅर्डिनेशन मीटिंग में शामिल हुए थे। इसी दौरान एक मुखबिर ने गंभीर सूचना दी कि दो भारतीय युवक नेपाल से चार नेपाली लड़कियों को जंगल के रास्ते मोटरसाइकिल से भारत ला रहे हैं। बिना देर किए एनजीओ और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एचटीयू) को अलर्ट किया गया।
तत्काल कार्रवाई की योजना बनाई गई। पुलिस टीम ने गुज्जर गौरी सीमा क्षेत्र के भचकाही गांव के आगे जंगल मार्ग पर घेराबंदी की। कुछ ही देर में दो मोटरसाइकिलों पर सवार दो युवक चार नेपाली लड़कियों के साथ आते दिखाई दिए। पुलिस ने बाइक रोककर युवकों को दबोच लिया।
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरिराम यादव पुत्र रक्षाराम और रामरूप पुत्र राम लोटन के रूप में हुई। दोनों आरोपी श्रावस्ती जिले के थाना सिरसिया के बभनी कुकुरभुकवा गांव के रहने वाले हैं। शुरूआती जांच में सामने आया है कि आरोपी स्थानीय स्तर पर ही नेपाल सीमा से मानव तस्करी का नेटवर्क चला रहे थे।
आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 2 मोटरसाइकिल, 1 आधार कार्ड और 2 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस ने मानव तस्करी से जुड़े गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी ने कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा- मानव तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति है। सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। ऐसे नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ा जाएगा।

