शारदा रिपोर्टर मेरठ। बसंत पंचमी जिस दिन शहर की छतों पर रंग-बिरंगी पतंगें आसमान को भर देती हैं, उसी दिन इस बार बारिश ने सारा प्लान बिगाड़ दिया। शहर में सुबह से ही हल्की से मध्यम बारिश जारी रही। हवा में नमी और बूंदाबांदी के चलते दोपहर तक किसी भी छत से पतंगें उड़ती नहीं दिखीं।

आम तौर पर बसंत पंचमी मेरठ का सबसे बड़ा वार्षिक त्योहार माना जाता है। लोग पतंगबाजी की तैयारियां एक-दो दिन पहले से कर लेते हैं, पतंग-मांझे की खरीदारी जोरों पर रहती है और दोपहर के बाद आसमान पूरी तरह रंगों से भर जाता है। लेकिन इस बार छतों पर पूरी तरह सन्नाटा रहा। पतंगें आसमान में नहीं उड़ीं, लेकिन लोगों ने बसंत मनाना बंद नहीं किया। इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सऐप स्टेटस पर सुबह से ही बसंत पंचमी की थीम वाले फोटो, वीडियो,मीम्स, स्टोरी और कैप्शन की भरमार रही। कई लोग बारिश के वीडियो और मीम्स डालते नजर आए।

दिलचस्प ये रहा कि सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो भी देखे गए जिनमें कुछ युवाओं ने बारिश में ही छतों पर पतंग उड़ाने की कोशिश की। इन वीडियो ने सोशल मीडिया में मजेदार रिएक्शन बटोर लिए। शहर में कई लोगों ने लिखा कि बसंत पंचमी को मेरठ में पतंगबाजी लगभग कल्चर का हिस्सा है, ऐसे में मौसम का ये बदलाव त्योहार के मूड पर असर डाल गया। कई दुकानदारों ने भी बताया कि बिक्री तो ठीक रही, पर असली रौनक तो उड़ान वाली होती है जो इस बार बारिश में डूब गई।
वायु प्रदूषण से राहत, 232 पहुंचा एक्यूआई
शुक्रवार सुबह से ही बारिश होने के बाद वायु प्रदूषण से भी राहत मिलती नजर आई। पिछले करीब छह माह से मेरठ वायु प्रदूषण की मार झेल रहा था। सर्दी आते ही एक्यूआई स्तर और ज्यादा बढ़ गया। जिससे लोगों की सांसों पर भी संकट पैदा हो गया था। गुरूवार को एक्यूआई स्तर 370 के पार था, लेकिन शुक्रवार दोपहर में यह घटकर 232 तक पहुंच गया। अनुमान है कि शनिवार सुबह तक एक्यूआई स्तर 200 से नीचे आ जाएगा।


