– सुबह से ही 400 पार पहुंच रहा एक्यूआई स्तर, वाहन और सड़कों की धूल बन रही मुसीबत।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। शहर में प्रदूषण नियंत्रण के दावे सड़क किनारे जलाए जा रहे कूड़े के धुएं में गुम हो गए हैं। दिन प्रतिदिन शहर की हवा और जहरीली हो रही है। शहर का एक्यूआई स्तर 400 के पार पहुंच गया है। बुधवार साुबह परतापुर क्षेत्र में जहां एक्यूआई 379 दर्ज किया गया। मंगलवार सुबह पल्लवपुरम में सर्वाधिक एक्यूआई 404 और शाम को 390 दर्ज किया गया। इसके बावजूद कूड़ा जलाने की घटनाएं नहीं थम रही हैं।
मेरठ का एयर क्वालिटी इंडेक्स भी सुबह से ही 400 के पास रहा और शाम को 374 दर्ज किया गया। यह मानव स्वास्थ्य के लिए सबसे ज्यादा हानिकारक है। इससे सबसे अधिक परेशानी स्कूल जाने आने वाले बच्चों को हुई। इनके अलावा सांस के रोगियों की मुश्किलें बढ़ गईं। हवा की रफ्तार धीमी होने के कारण प्रदूषण का और तेजी से बढ़ रहा है।
जिले में कई स्थानों पर लोग ठंड बढ़ने के कारण लोग अलाव जलाने लगे हैं। कुछ लोग काले, तेल, पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल कर अलावा जला रहे हैं। कुछ लोग पुराने टायर या प्लास्टिक आदि जलाकर भी हाथ सेंक रहे हैं। इससे भी जिले में प्रदूषण बढ़ रहा है।
सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि फिलहाल बारिश की संभावना नहीं है और हवा की रफ्तार भी धीमी होने के कारण जो प्रदूषण के कण हवा में घुल रहे हैं, उससे सांसों पर संकट बढ़ता जा रहा है। इसलिए प्रदूिषत माहौल में सतर्कता जरूरी है।
जिले में प्रदूषण के नियंत्रण के उपाय किए जा रहे हैं। कूड़ा जलाने वालों पर जुमार्ना लगाया जा रहा है। जहां एक्यूआई बढ़ रहा है वहां एंटी स्मॉग गन से छिड़काव किया जा रहा है। -भुवनप्रकाश यादव, क्षेत्रिय प्रदूषण अधिकारी