HomeEducation Newsरटंत की बजाय 'करके सीखने' की पद्धति विकसित कर रहा है ब्लूप्रिंट

रटंत की बजाय ‘करके सीखने’ की पद्धति विकसित कर रहा है ब्लूप्रिंट

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 होटल हाइफन में ब्लूप्रिंट एजूकेशन की सेल्स मीट सम्पन्न 


शारदा रिपोर्टर मेरठ। चित्रा प्रकाशन की सह संस्था ब्लूप्रिंट एजूकेशन की दसवीं सेल्स मीट होटल हाइफन में आयोजित की गई। कार्यक्रम का उद्घाटन चित्रा प्रकाशन समूह के चेयरमैन अजय रस्तोगी ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर डायरेक्टर आलोक रस्तोगी ने सभी अतिथियों को सम्बोधित किया।

ब्लूप्रिंट एजूकेशन के डायरेक्टर नितिन रस्तोगी ने कहा कि संस्थान अपनी पुस्तकों को नयी शिक्षा नीति- 2020 के आधार पर छात्र-कल्याण के दृष्टिगत प्रकाशित कर रहा है और निरन्तर प्रगति की ओर अग्रसर है। पुस्तकों में नवीन शिक्षण पद्धति एवं नवीन तकनीक का उपयोग समग्रता के साथ किया जा रहा है। प्रकाशन का उद्देश्य परंपरागत रटंत पद्धति को समाप्त करके प्रयोग आधारित ‘करके सीखने’ की पद्धति विकसित करना है। इसी के अनुरूप नवीन संदर्भों में सभी विषयों की पुस्तकें प्रकाशित की जा रही हैं। देश और समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिकों के निर्माण के दृष्टिगत सभी आधुनिक शिक्षण मॉड्यूलों का प्रयोग भी पुस्तकों में समग्रता के साथ किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि ब्लूप्रिंट एजूकेशन की पुस्तकों ने उच्च मानकों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अनेक पुरस्कार जीते हैं।

ब्लूप्रिंट एजूकेशन की कक्षा 1 से 8वीं तक की हिंदी व्याकरण की पुस्तकें तो देश में सर्वाधिक प्रसार वाली प्रसिद्ध पुस्तकें हैं।

इस अवसर पर संस्थान के डायरेक्टर मयंक रस्तोगी, सेल्स प्रमुख गौरव गोयल, प्रोडक्शन मैनेजर हिमांशु वर्मा, एचआर मैनेजर दीपयन्ती चौधरी, सम्पूर्ण भारत के सभी राज्यों के मैनेजर अपनी टीम के साथ एवं चित्रा परिवार के अन्य अनेक सदस्य उपस्थित थे।

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