सोते वक्त धारदार हथियार से दिया वारदात को अंजाम, कमरे में दुबककर बैठ गया था
गोरखपुर। 16 साल के लड़के ने बड़े भाई, भाभी और तीन साल के भतीजे की सोते वक्त हत्या कर दी। इसके बाद ऊपरी मंजिल के कमरे में दुबककर बैठ गया। नौ साल की भतीजी ने उसे हत्या करते देखा तो चीखकर कमरे से बाहर भागी। उसकी चीख सुनकर माता-पिता की नींद खुली। पिता बड़े बेटे के कमरे में गए। वहां तीनों की लाश पड़ी हुई थी, जबकि छोटा बेटा हथियार लेकर कमरे से बाहर निकल रहा था।
खून से सने छोटे बेटे को देखकर पिता कांप गए। थोड़ी देर बाद उन्होंने पड़ोसियों और पुलिस को सूचना दी। एसएसपी, एसपी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आरोपी नाबालिग भाई को हिरासत में ले लिया है। वह कमरे में खून से सना गड़ासा लेकर बैठा हुआ था।
मृतकों में अमित गुप्ता, उनकी पत्नी रंजना गुप्ता और बेटे रेयांश गुप्ता हैं। पिता की तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। वारदात सोमवार तड़के करीब 3 बजे जिला मुख्यालय से 50 किमी दूर बांसगांव थाना क्षेत्र के बलुआ गांव की है।
छोटे भाई ने तीन हत्या क्यों की? इसकी वजह अभी साफ नहीं है। शुरूआती जांच में परिवार की एक दुकान को लेकर विवाद की बात सामने आ रही है। पुलिस के मुताबिक, दो मंजिला घर में मां-बाप और अमित का परिवार नीचे की मंजिल में रहता था। जबकि ऊपर के कमरे में छोटा भाई रहता था। अमित अपनी पत्नी रंजना और दो बच्चों 9 साल की बेटी और 3 साल के बेटे रेयांश के साथ सोया था। रात करीब 3 बजे आरोपी भाई उसके कमरे में घुसा। उस वक्त सब गहरी नींद में थे।
कमरे में घुसते ही उसने अचानक गड़ासे से बेड पर सो रहे बड़े भाई, भाभी और बेटे पर ताबड़तोड़ वार किए। किसी को बचने का मौका ही नहीं मिला। तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस जब पहुंची तो बेड पर तीनों की खून से लथपथ लाश पड़ी हुई थी।
एसपी दिनेश पुरी ने कहा अमित, रंजना और रेयांश एक ही कमरे में सोए थे। तीनों की उसी कमरे में हत्या की गई। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजवा दिया। आरोपी भाई से पूछताछ की जा रही है। पिता हरीलाल जब कमरे में पहुंचे तो चारों तरफ खून बिखरा था। आरोपी छोटा बेटा गड़ासा हाथ में लेकर कमरे से निकल रहा था। बेटे को देखकर पिता डर गए। उन्होंने उससे कुछ नहीं कहा। बेटा वारदात के बाद सीधे ऊपर अपने कमरे में चला गया। पुलिस ने उसे कमरे से ही हिरासत में लिया।
पुलिस को पता चला है कि गुप्ता परिवार की एक किराने की दुकान है। इस दुकान में छोटा बेटा बैठता था। जबकि बड़ा भाई बाहर रहकर नौकरी करता था। कुछ महीने पहले ही वह गांव वापस आ गया था। इसके बाद से छोटे भाई को लगता था कि दुकान पर बड़ा भाई कब्जा कर लेगा। इसे लेकर आए दिन घर में विवाद होने लगा था। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
अमित गुप्ता की शादी 15 साल पहले रंजना से हुई थी। शादी के कई साल तक बच्चा नहीं हो रहा था। तब अमिम और रंजना ने आपसी रजामंदी से बेटी ज्योति को गोद लिया था। उसकी उम्र अब नौ साल है। इस बीच तीन साल पहले उसे एक बेटा भी पैदा हो गया। उसका नाम रेयांश रखा। आरोपी ने अमित, उसकी पत्नी और बेटे को तो मार दिया, लेकिन गोद ली हुई भतीजी को नहीं मारा।
ज्योति उर्फ रूबीका गुप्ता ने बताया कि चाचा ने पहले मेरे पापा को मारा, मेरी मम्मी और बाबू का सिर काट दिया, चिल्लाते हुए वहां से भागी, दादी सको जाकर सारी बात बताई। मैं बार-बार कह रही थी, मेरे बाबू को मत मारो, एक झटके में ही उसका और मेरी मां का सिर काट दिया।
अमित गुप्ता के पिता हरीलाल ने तहरीर दी है। हरीलाल ने बताया कि घर से थोड़ी दूर कस्बे में दुकान थी। बड़ा बेटा अमित बाहर काम करता था। दो साल से वह आकर वह दुकान पर बैठने लगा। इससे छोटा बेटा नाराज रहने लगा। कुंठाग्रस्त होकर बड़े बेटे और उसकी पत्नी व बेटे को मार दिया। उसने पहले तीनों के सिर पर डंडे से वार किया, इसके बाद बांका-गड़ासे से गर्दन काट दी। वह नौवीं तक पढ़ा है।
अमित के पिता हरीलाल हार्ट के पेशेंट हैं। उन्हें यूरिनल भी लगा है। हरीलाल की पत्नी की भी दवा चलती है। दो माह पहले भी पिता और छोटे बेटे के बीच विवाद हुआ था। काम करने के लिए छोटा बेटा पिता से 5 लाख रुपया मांग रहा था। इसके बाद थाने में समझौता हुआ था। आए दिन छोटा बेटा शराब पीकर घर में विवाद करता था। बड़ा भाई पहले बाहर रहकर पेंट पालिश करता था। दो साल पहले वह घर लौटा था।