– जुबैर का शव देखकर पुलिस से नोकझोंक।
– एनकाउंटर पर बहन ने दी धमकी, मुबारक हो यूपी-अलीगढ़ वालों, देखना कितने जनाजे उठेंगे।
अलीगढ़। पश्चिमी यूपी के कुख्यात ‘किलिंग मशीन गैंग’ के एक लाख रुपए के इनामी शार्प शूटर जुबैर के एनकाउंटर के बाद अलीगढ़ में माहौल तनावपूर्ण है। मेरठ मेडिकल कॉलेज में भाई का शव लेने पहुंची बहन मुबश्शिरा के तेवर और सोशल मीडिया पर दी गई धमकी ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है।

मुबश्शिरा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि मुबारक हो यूपी और अलीगढ़ के लोगों, जो भी इसमें शामिल हैं उन्हें मुबारक हो। एक शेर गया है, अभी दो जिंदा हैं। देखना अभी कितने जनाजे उठेंगे। इस धमकी भरे वीडियो और पोस्ट के बाद अलीगढ़ पुलिस अलर्ट पर है।
मुबश्शिरा ने वीडियो पोस्ट करते हुए कहा कि जुबैर को पुलिस दिल्ली से उठाकर ले गई और उसे मार दिया। मुबश्शिरा का एक और वीडियो सामने आया है, जिसमे वह अपने परिवार की बबार्दी में अलीगढ़ के लोगों के नाम उजागर कर रही हैं। दोनों वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने चौकसी बढ़ा दी है।
एसटीएफ और अलीगढ़ पुलिस पिछले 6 महीनों से जुबैर की तलाश में दिल्ली में डेरा डाले हुए थी। दिल्ली पुलिस से अपेक्षित सहयोग न मिलने के कारण वह बार-बार बच रहा था। पुलिस को इनपुट मिला कि जुबैर अपनी नई गर्लफ्रेंड और कुछ नए दोस्तों के साथ चोरी-छिपे डिस्को पार्टियों में जाता है।
10 दिन से एसटीएफ दिल्ली में सक्रिय थी। मंगलवार रात जैसे ही वह दिल्ली से बाहर निकला, मेरठ में एसटीएफ ने उसे मुठभेड़ में मार गिराया। इससे पहले वह जयपुर में भी देखा गया था, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले गायब हो गया था।
बुधवार देर रात जब जुबैर का शव उसके पैतृक गांव बरला के गांव नौशा पहुंचा। वहां भारी पुलिस बल तैनात था। इस दौरान परिजन की सीओ छर्रा के साथ तीखी नोकझोंक हुई। जुबैर की बहन मुबश्शिरा ने एक वीडियो जारी कर अलीगढ़ के ही कुछ खास लोगों को अपने परिवार की बबार्दी का जिम्मेदार ठहराया है।
‘किलिंग मशीन गैंग’ का खौफनाक सफर
जुबैर कुख्यात अपराधी मुनीर का राइट हैंड था। मुनीर की मौत के बाद उसी ने गैंग की कमान संभाली थी। बिजनौर का रहने वाला मुनीर 2009 में एएमयू आया था। वहां उसकी मुलाकात नौशा के अपराधी भाइयों यासिर, फहद और सद्दाम से हुई। यहीं से ‘किलिंग मशीन गैंग’ की नींव पड़ी।
भाई की मौत के बाद जुबैर से बनाई दूरी
मुनीर और उसके साथी सऊद ने एक सिपाही की हत्या कर सरकारी पिस्टल लूटी थी। इसी पिस्टल के विवाद में जुबैर ने मुनीर से मिलकर अपने ही भाई सद्दाम की हत्या कर दी थी। इसके बाद जुबैर और उसके भाइयों यासिर, फहद में भी दूरी बन गई।
सोशल मीडिया पर देवराज के नाम से था सक्रिय
जेल से बाहर आने के बाद जुबैर ने इंस्टाग्राम पर ‘जुबैरके728’ और ‘ देवराज गैंग अलीगढ़’ के नाम से आईडी बनाई थी। इस पर किलिंग मशीन गैंग लिखा हुआ है। 10 अक्टूबर को उसने अपनी आखिरी पोस्ट में दानिश राव हत्याकांड वाले स्थान पर खड़े होकर फोटो डाली थी और लिखा थाझ्रआ गया अलीगढ़ का बाप, अब विरोधियों को देखेंगे। उसने अपने दोस्त आतिफ की मौत का बदला लेने का भी ऐलान किया था।
जुबैर की मौत के बाद फोन हुए बंद
मेरठ में जुबैर का एनकाउंटर होने और उसकी बहन के धमकी भरे पोस्ट के बाद अलीगढ़ में कई लोगों के मोबाइल नंबर तक बंद हो गए हैं। अलीगढ़ के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में बुधवार को शूटर भाइयों यासिर और फहद के लिए चौथ वसूली के लिए आ रहा गुर्गा भी बीच रास्ते से ही गायब हो गया। जुबैर के एनकाउंटर और अलीगढ़ में पुलिस की चौकसी की जानकारी पर उसने अपना नंबर तक बंद कर लिया है। सीओ तृतीय सर्वम सिंह ने बताया कि एसटीएफ लगातार दोनों शूटर भाइयों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। वहीं, चौथ वसूली के लिए आ रहे एक व्यक्ति की लोकेशन मिली थी।

