– बेरहमी से छक्के लगाने के अंदाज से गैंदबाज दहशत में

क्या हो गया है नई उम्र के खिलाड़ियों को। इनके अंदर डर नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। किस बॉल पर छक्का मारना है और किस पर नही, अब इनको परवाह नहीं। जिन लोगो को वीरेंद्र सहवाग की विस्फोटक बल्लेबाजी पसंद थी, उन लोगों को अब यशश्वी जायसवाल और सरफराज खान की बल्लेबाजी जरूर दिल को लुभा लेगी। गरीब घर से आए और संघर्ष की आंसुओं से भरी कहानी लिए यशश्वी जायसवाल की जैसे ही टीम इंडिया में एंट्री हुई इस युवा खिलाड़ी ने अपनी प्रतिभा से परिचय कराना शुरू कर दिया। वेस्ट इंडीज के खिलाफ पहले मैच में शानदार शतक जमा कर यशश्वी ने लोगो को संदेश दे दिया था कि उनके पास शॉट्स की कमी नही हैं। इंग्लैंड के खिलाफ इस बल्लेबाज ने शुरू के तीन मैचों में दो डबल सेंचुरी मार कर पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया।
यशश्वी ने जिस तरह से एंडरसन को टारगेट पर लिया और छक्के पर छक्के मारे वो देखने लायक थे। शतक जमाने के बाद जब रिटायर्ड होकर पवेलियन लौटे तो किसी को उम्मीद नही थी कि ये युवा बल्लेबाज खतरनाक इरादा लेकर दोबारा क्रीज पर आएगा। इसने दोहरा शतक पूरा करने के लिए ज्यादा गैंदो का सहारा नही लिया और 236 गैंदों में 214 रन बना कर टीम का स्कोर 430 तक पहुंचा दिया। यशश्वी ने 12 छक्के और 14 चौके मारे। यही नहीं एक मैच में दस से अधिक छक्के मारने वाला देश का पहला खिलाड़ी भी बन गया।
वही दूसरे विस्फोटक बल्लेबाज सरफराज खान भी पीछे हटने वाले नही थे और पहली पारी में 67 रन पर रन आउट होने का बाद दूसरी पारी में भी उसी अंदाज में पारी शुरू की और 68 रन बनाए। सरफराज ने अपनी पारी में तीन छक्के और छह चौके मारे। टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा ने अगर पारी घोषित न की होती तो क्या होता इसका अंदाज लगाना मुश्किल है।