– हॉस्पिटल ने बिल बनाने को ड्रामा रचा, सुसाइड नहीं मर्डर है।
शारदा रिपोर्टर मेरठ। मेरे पति सुसाइड नहीं नहीं कर सकते हैं। उनका मर्डर हुआ है। मेरे पति को खून की कमी थी तो हॉस्पिटल ने उन्हें कउव में क्यों भर्ती किया। हॉस्पिटल वालों ने बड़ा बिल बनाने के लिए पूरा ड्रामा रचा है। उन्हें हॉस्पिटल की खिड़की से नीचे फेंका गया है।

लोकप्रिय हॉस्पिटल की दूसरी मंजिल से गिरकर मरने वाले संजय की पत्नी ने ये बात कही। उन्होंने सवाल किया कि जब पति संजय आईसीयू में थे तो उनका स्टाफ ने ख्याल क्यों नहीं रखा। पूरी जिम्मेदारी नाइट शिफ्ट के स्टाफ की है। वे खुद टॉयलेट कैसे चले गए। अगर स्टाफ ले गया तो संजय ने अंदर से दरवाजा कैसे लगा लिया?


