spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
Tuesday, February 3, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
Homeउत्तर प्रदेशMeerutदादरी कांड में गुर्जर नेताओं की जमानत पर लगी श्रेय लेने की...

दादरी कांड में गुर्जर नेताओं की जमानत पर लगी श्रेय लेने की होड़

-

– राज्यमंत्री ने देर रात जारी किया वीडियो, दूसरे दलों के सांसद-विधायक भी बता रहे अपना प्रयास।

शारदा रिपोर्टर मेरठ। दादरी महापंचायत के बाद जेल भेजे गए 22 गुर्जर नेताओं को शुक्रवार शाम जमानत मिल गई। एसीजेएम-6 की अदालत ने सभी की जमानत मंजूर कर ली, हालांकि फिलहाल सिर्फ 11 नेताओं की रिहाई हुई है। शेष 11 नेता अभी भी जेल में बंद हैं।

जैसे ही जमानत का आदेश आया, गुर्जर समाज से जुड़े नेताओं में श्रेय लेने की होड़ मच गई। राज्यमंत्री से लेकर सांसद, विधायक और स्थानीय नेता तक सोशल मीडिया पर इसे अपनी सफलता बताने लगे। कई नेताओं ने खुद को बधाइयां भी दे डालीं। सत्तारूढ़ भाजपा से लेकर सपा, आजाद समाज पार्टी और रालोद तक के नेताओं के बीच जमानत का श्रेय लेने को लेकर राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई।

दादरी महापंचायत में हुए हंगामे के बाद 21 सितंबर को 22 गुर्जर नेताओं को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।

दूसरे दिन सरधना से सपा विधायक अतुल प्रधान सबसे पहले नेताओं से मिलने जेल पहुंचे। इसके बाद भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर (लोनी सीट) और फिर मेरठ दक्षिण से भाजपा विधायक और राज्य मंत्री सोमेंद्र तोमर भी जेल पहुंचे। उन्होंने एडीजी और एसएसपी से भी बंद कमरे में बातचीत की। तीसरे दिन आजाद समाज पार्टी के प्रमुख और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद भी मेरठ जेल पहुंचे। उनकी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रविंद्र भाटी जेल में बंद थे और आमरण अनशन पर भी बैठ गए थे। इसके बाद रालोद सांसद चंदन चौहान और शामली से एमएलसी वीरेंद्र सिंह भी जेल में मिलने पहुंचे। सपा के वरिष्ठ गुर्जर नेता मुखिया गुर्जर को पुलिस ने जेल गेट पर ही रोक दिया।

दादरी महापंचायत के बाद हुई गिरफ्तारी और अब जमानत के आदेश ने राजनीतिक दलों को एक बार फिर गुर्जर समाज के समर्थन के लिए सक्रिय कर दिया है। हर दल अब इस रिहाई को अपनी सफलता बता रहा है। लेकिन जनता सवाल पूछ रही है कि क्या वाकई किसी एक की पहल से जमानत मिली, या यह कानूनी प्रक्रिया का स्वाभाविक परिणाम था?

सपा का दावा अखिलेश यादव की पहल से मिली जमानत

सपा नेताओं ने इस मामले में श्रेय पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और विधायक अतुल प्रधान को दिया। अतुल प्रधान शुक्रवार को लखनऊ में अखिलेश यादव से मिले और उन्हें पूरी घटना से अवगत कराया। उन्होंने गुर्जर सम्राट मिहिर भोज की तस्वीर भी उन्हें भेंट की, जिसकी फोटो उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा की।

आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी का दावा

जेल में बंद आंदोलनकारियों का नेतृत्व आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रविंद्र भाटी कर रहे थे। इस वजह से पार्टी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने इस मुद्दे को उठाया और खुद जेल पहुंचे। उनके समर्थकों ने सोशल मीडिया पर लिखा, ये है भीम आर्मी की ताकत। चंद्रशेखर आजाद ने जेल जाकर सरकार को अल्टीमेटम दिया और आज सभी साथियों की रिहाई हो गई। योगी सरकार गुर्जर समाज की आवाज दबाना चाहती थी, लेकिन चंद्रशेखर से टकराना भूल गई।​​​​​​​

रालोद विधायक ने पोस्ट की जमानत आॅर्डर की कॉपी

रालोद के खतौली से विधायक मदन भैय्या ने इस मामले में जयंत चौधरी को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच कराकर सभी नेताओं की जमानत करने की मांग उठाई। उधर भाजपा किसान मोर्चा के अध्यक्ष तेजा गुर्जर ने भी इस मामले में एक पत्र भेजा और अपना पोस्ट जारी किया था। रालोद विधायक मदन भैया ने जयंत चौधरी को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच और सभी नेताओं की रिहाई की मांग की। भाजपा किसान मोर्चा अध्यक्ष तेजा गुर्जर ने भी जमानत को लेकर एक पत्र जारी किया और पोस्ट साझा की।

राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का वीडियो संदेश

शुक्रवार देर शाम भाजपा नेता और राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर ने एक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने कहा, कुछ युवाओं द्वारा महापंचायत की घोषणा की गई थी, लेकिन कुछ लोगों की साजिश के चलते वहां स्थिति बिगड़ गई। मैंने इस मामले को प्रदेश और केंद्र सरकार के उच्च स्तर तक पहुंचाया। हम सभी जातियों को साथ लेकर चलने वाले राष्ट्रवादी लोग हैं। गुर्जर समाज हमारे लिए परिवार जैसा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और संगठन के सहयोग से जमानत संभव हो सकी है। मैं सभी युवाओं से अपील करता हूं कि वे शांति बनाए रखें और किसी भी प्रकार के जातीय भड़कावे का हिस्सा न बनें।

 

Related articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

4,000,000FansLike
100,000SubscribersSubscribe

Latest posts