संयुक्त व्यापार संघ के मंत्री ने सांसद अरुण गोविल से की मांग
शारदा रिपोर्टर,मेरठ। संयुक्त व्यापार संघ के मंत्री नीरज त्यागी ने सांसद अरुण गोविल को लिखे पत्र में शास्त्रीनगर में अवैध निर्माण के विरुद्ध चल रही कार्यवाही को लेकर दुकानदारों को भू आवंटन कराने की मांग की है।
उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद, मेरठ एवं मेरठ विकास प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं में अवैध निर्माण के सम्बन्ध में
सुप्रीम कोर्ट दिल्ली द्वारा शीघ्र ही अवैध निर्माण के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए आदेश पारित किए गए है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेशों के अनुसार उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद मेरठ के अधिकारियों द्वारा आदेश का पालन करने हेतु अपने स्तर से कार्यवाही शुरू कर दी गई है, जिससे हजारों व्यक्ति प्रभावित हो रहे हैं तथा हजारों व्यक्ति बेरोजगार हो गए हैं।
उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद, मेरठ द्वारा शास्त्री नगर योजना संख्या-07 मेरठ के सेक्टर-07 में सामुदायिक स्थल की भूमि रिक्त है एवं सेक्टर-12 में व्यवसायिक भूखण्ड संख्या- 429/12 एवं 430/12 रिक्त हैं एवं जागृति विहार विस्तार योजना संख्या-11 मेरठ के सेक्टर-03 में 800 वर्ग मीटर के 12 भूखण्ड 2500 वर्ग मीटर के 08 भूखण्ड एवं 7500 वर्ग मीटर का एक भूखण्ड नीलामी में लगाए गए हैं। नीलामी में लगाए गए समस्त भूखण्ड आम जनमानस की पहुंच से बाहर हैं। इसके अतिरिक्त जागृति विहार विस्तार योजना संख्या-11 मेरठ के सेक्टर-05 में रिक्त पड़ी भूमि पर आवास विकास परिषद की व्यवसायिक भूखण्ड विकसित करने की योजना है।
उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद, मेरठ द्वारा पूर्व में जिस तरह से सेक्टर-13 आरटीओ कार्यालय के पास 15
मीटर, 20 मीटर, 25 मीटर के प्लॉट छोटे दुकानदारों को आवंटित किए गए थे उसी तरह हमारी मांग है कि व्यवसाय/रोजगार हीन हुए व्यक्तियों को पुर्नवास हेतु वरीयता / प्राथमिकता के आधार पर जागृति विहार विस्तार योजना संख्या-11, मेरठ में स्थित 800 वर्ग मीटर के भूखण्डों, 2500 वर्ग मीटर के भूखण्डों के स्थान पर 15 मीटर, 20 मीटर, 25 मीटर के छोटे-छोटे भूखण्ड आसान किस्तों पर आवंटित किए जाये। जिससे व्यापार / रोजगार हीन हुए व्यक्तियों के पुनर्वास में मदद हो सके।
जिन व्यक्तियों का व्यापार उजड़ गया है/रोजगार हीन हो गए हैं उन समस्त व्यक्तियों को वरीयता / प्राथमिकता के आधार पर पुर्नवास कराने की मंशा अनुरूप व्यवसाय / रोजगार करने हेतु भूखण्ड आवंटित कराकर राहत देने का कार्य कराने की कृपा करें। जिससे जनपद मेरठ के व्यवसाय उजड़ जाने वाले / रोजगार हीन हुए व्यक्तियों को पुन: रोजगार स्थापित करने में मदद हो सके तथा माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेशों से प्रभावित समस्त जनमानस पुनर्वास करते हुए अपने-अपने / व्यवसाय / रोजगार स्थापित कर अपना एवं अपने परिवार का जीवन-यापन कर सकें।