– उन्नाव रेप केस में दिल्ली हाई कोर्ट के सजा निलंबन के फैसले को पलटा।
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने 2017 के उन्नाव रेप केस में पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा को निलंबित करने वाले दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया है। इससे पहले, इस मामले में सीबीआई की ओर से दायर एक अपील पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी।

सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने दिल्ली हाई कोर्ट को निर्देश दिया है कि वह दो महीने के भीतर इस मामले पर नए सिरे से फैसला करे। साथ ही, शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया है कि हाई कोर्ट अपना नया निर्णय लेते समय सुप्रीम कोर्ट द्वारा पिछला आदेश रद्द किए जाने के फैसले से बिल्कुल भी प्रभावित न हो।
केंद्रीय जांच ब्यूरो ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी।
सुप्रीम कोर्ट ने पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो की अपील पर हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी। अब शीर्ष अदालत ने हाई कोर्ट के आदेश को पूरी तरह से रद्द कर दिया है। यह फैसला दुष्कर्म पीड़िता के लिए न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कुलदीप सिंह सेंगर को 2019 में इस मामले में दोषी ठहराया गया था। उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। यह मामला देश भर में काफी चर्चा में रहा था।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या दिए निर्देश?
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने यह फैसला सुनाया। पीठ ने दिल्ली हाई कोर्ट को मामले पर नए सिरे से विचार करने का निर्देश दिया है। हाई कोर्ट को दो महीने के भीतर इस मामले पर फैसला करना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि हाई कोर्ट उसके इस फैसले से प्रभावित न हो। उसे स्वतंत्र रूप से सभी पहलुओं पर विचार करना चाहिए।
कुलदीप सिंह सेंगर पर 2017 में एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म का आरोप लगा था। इस मामले में सेंगर को दोषी पाया गया था। उन्हें भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत सजा सुनाई गई थी। यह मामला राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर काफी संवेदनशील रहा है।

