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Sunday, January 11, 2026
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संस्कृत भाषा से होगा देश का समग्र विकास

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  • प्रत्येक भारतीय प्रतिदिन दिनचर्या में संस्कृत के अनेक शब्दों का प्रयोग करता है।

शारदा रिपोर्टर मेरठ। संस्कृत भारती मेरठ द्वारा आयोजित पश्चिमी उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड का आवासीय प्रशिक्षण और योग शिविर का आयोजन शास्त्रीनगर स्थित बालेराम बृजभूषण सरस्वती विद्यामन्दिर विद्यालय में विधिवत रूप से प्रारंभ हुआ। उद्घाटन सत्र में राजगोपाल कात्यायन अध्यक्ष, हरिकांत अहलूवालिया मुख्यातिथि और वाचस्पति मिश्र मुख्य वक्ता रहे।

वर्ग प्रशिक्षण प्रमुख प्रभाकर मणि त्रिपाठी ने कहा कि संस्कृतभारती विगत 45 वर्ष से संस्कृत भाषा को जन-जन की भाषा बनाने के लिए कार्य कर रही है । मुख्य वक्ता ने अपने उद्बोधन में कहा कि इन वर्गो का मुख्य लक्ष्य संस्कृत को आम बोलचाल की भाषा बनाना है । हम जब भी बोले संस्कृत भाषा में वातार्लाप करें।

प्रत्येक भारतीय प्रतिदिन अपनी दिनचर्या में संस्कृत के अनेक शब्दों का प्रयोग करता है, लेकिन अल्पज्ञता के कारण संस्कृत में वातार्लाप करने में समर्थ नहीं होता है, ऐसे आयोजनों से समाज लाभन्वित होता है तथा प्रशिक्षण वर्ग में शामिल शिक्षार्थियों का व्यक्तित्व विकास भी होता है । अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में राजगोपाल ने संस्कृत को जन-जन की भाषा बनाने के लिए वर्ग में आए हुए शिक्षार्थियों का आव्हान करते हुए कहा कि शिक्षार्थी यहां प्रशिक्षण प्राप्त कर यहां से निकलकर सर्वप्रथम अपने घर और गलियों में संस्कृत का प्रचार प्रसार करें ।

इस अवसर पर संस्कृत भारती के क्षेत्र संगठन मंत्री देवेन्द्र पंड्या जी, प्रांत संगठन मंत्री योगेश विद्यार्थी, डा भूपेन्द्र, नीलकमल, पूनम, अजय, अक्षय, डा संदीप, गिरीश तिवारी, कुलदीप मैन्दोला, नीरज, इशेन्द्र एवं वर्ग मीडिया प्रभारी डा नरेंद्र तेवतिया उपस्थित रहे ।

 

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