कई इलाकों में सुबह से बिजली गुल, सुबह से पानी को तरसे लोग, ध्वस्तीकरण स्थल से पहले पुलिस ने की बेरिकेडिंग, मीडिया को भी रोका
शारदा रिपोर्टर मेरठ। शास्त्री नगर सेंट्रल मार्केट में कार्रवाई के दौरान कई सेक्टरों में बिजली गुल रही। बिजली नहीं आने से पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हुई और सुबह से लोग परेशान रहे। मौके पर मीडिया को कवरेज से रोके जाने को लेकर भी विरोध हुआ।
शास्त्री नगर सेंट्रल मार्केट में आवास एवं विकास परिषद की कार्रवाई के दौरान एहतियात के तौर पर बिजली काट दी गई। इसके चलते शास्त्री नगर के सेक्टर-1, सेक्टर-2, सेक्टर-3, सेक्टर-5, सेक्टर-6, सेक्टर-7 और आरटीओ रोड स्थित सेक्टर-9 में बिजली गुल रही। बिजली न आने के कारण पानी की आपूर्ति भी प्रभावित रही। सुबह से बिजली और पानी नहीं आने से लोग परेशान हो उठे।
सुबह से बिजली और पानी की आपूर्ति प्रभावित रहने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्कूल जाने वाले बच्चों और नौकरीपेशा लोगों के साथ ही गृहणियों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
ध्वस्तीकरण की कारवाई के चलते अभी 6 में से 4 भूखंड को बुलडोजर से गिराया जा चुका है। आवास विकास के अधिकारियों के अनुसार लगभग 1 घंटे में कारवाई पूरी हो जाएगी। सेंट्रल मार्केट प्रकरण में सपा नेता शैंकी वर्मा को पुलिस द्वारा ध्वस्तीकरण की कारवाई के दौरान हाउस अरेस्ट कर लिया है। सेंट्रल मार्केट में ध्वस्तीकरण की कारवाई जारी है । हालांकि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के चलते कोई भी व्यापारी या अन्य व्यक्ति कोई कारवाई का विरोध नहीं कर रहा है।
बाजार में कुछ व्यापारी प्रतिष्ठानों के बाहर बैठे
सेंट्रल मार्केट में कार्रवाई के बीच बाजार के कुछ व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों के आगे बैठे हैं। वहीं, महिलाएं मौके पर नहीं पहुंचीं। सेंट्रल मार्केट में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को लेकर व्यापारियों में रोष है। व्यापारियों का कहना है कि उन्हें कार्रवाई रोकने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद भवनों पर बुलडोजर चलाया गया। कार्रवाई के बाद व्यापारियों ने सरकार के खिलाफ भी नाराजगी जताई। मौके पर व्यापारियों और अधिकारियों के बीच बातचीत का दौर जारी है।
मीडिया को कवरेज से रोका जा रहा
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मीडिया को कवरेज से पूरी तरह दूर रखने का प्रयास किया। हालात ये रहे कि जहां ध्वस्तीकरण हो रहा था, उससे आधा किमी पहले ही चारों तरफ के रास्ते पूरी तरह सील कर दिए गए। किसी को भी भीतर जाने की इजाजत नहीं दी गर्ठ। एसपी सिटी सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला दे रहे हैं। इसको लेकर मीडिया के लोग उनसे विरोध जता रहे हैं।
यह था सुप्रीम कोर्ट का आदेश
बीती 6 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट द्वारा आवास विकास को आदेश दिया गया था कि सेंट्रल मार्केट के क्षेत्र की 44 संपत्तियों को सील कर उसकी रिपोर्ट पेश की जाए इसके बाद 8 अप्रैल को आवास विकास द्वारा कार्रवाई करते हुए सभी 44 संपत्तियां सील कर दी गई जिसकी रिपोर्ट 9 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में पेश भी की गई इसके बाद हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि 2 महीने के अंदर सभी 859 आवासीय संपत्तियों में चल रही कमर्शल गतिविधियां तो बंद कराई ही जाएं साथ ही आवासीय के लिए भी सेटबैक छोड़ जाए। जिसके चलते अब वहां रहने वाले लोगों को अपने मकान भी तोड़ने पड़ेंगे इसी का विरोध करते हुए सेक्टर 2 में 15 दिन धरना भी चला।
14 लाख के चंदे पर भी विवाद
इस पूरे आंदोलन के बीच एक और विवाद सामने आया है। बताया जा रहा है कि सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों से करीब 14 लाख रुपये का चंदा जुटाया गया अब इस रकम का कोई स्पष्ट हिसाब नहीं दिया जा रहा है। पूरे प्रकरण को लेकर व्यापारियों द्वारा बनाए गए एक व्हाट्सएप ग्रुप्स में व्यापारी इस पर नाराजगी जता रहे हैं और कुछ सफेदपोश लोगों के नाम सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं। सेंट्रल मार्केट सीलिंग प्रकरण अब सिर्फ अतिक्रमण या नियमों का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह पारदर्शिता, प्रशासनिक निष्पक्षता और जवाबदेही का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। फिलहाल व्यापारियों को राहत के नाम पर सिर्फ आश्वासन मिला है।