मवाना में धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ नारेबाजी, पुतला दहन से पहले पुलिस ने रोका
शारदा रिपोर्टर मेरठ। मवाना में समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकतार्ओं ने गुरुवार (23 जुलाई) को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। सपा नेताओं और कार्यकतार्ओं ने तहसील तक मार्च निकालने की कोशिश की, लेकिन रास्ते में पुलिस ने उनका पुतला अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद कार्यकतार्ओं ने तहसील पहुंचकर तहसीलदार को उप जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन सपा हस्तिनापुर विधानसभा अध्यक्ष सचिन गुर्जर के नेतृत्व में हुआ। इससे पहले पुलिस ने सपा नेताओं से विरोध मार्च नहीं निकालने की अपील की थी, लेकिन कार्यकर्ता प्रदर्शन पर अड़े रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान पुलिस बल मौके पर तैनात रहा।
सपा हस्तिनापुर विधानसभा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मोहल्ला काबलीगेट स्थित सपा नेता नितिन चौहान के आवास पर एकत्र हुए। यहां से सभी धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तहसील की ओर रवाना हुए।
समाजवादी पार्टी ने बुधवार को सोशल मीडिया के माध्यम से नितिन चौहान के आवास से तहसील तक विरोध मार्च निकालने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला फूंकने की घोषणा की थी। इसकी जानकारी मिलने पर गुरुवार सुबह ही थाना पुलिस नितिन चौहान के आवास पहुंच गई थी।
पुलिस ने कार्यकतार्ओं से विरोध मार्च नहीं निकालने की अपील की, लेकिन वे पुतला लेकर आगे बढ़ गए। रास्ते में पुलिस ने उन्हें रोककर धर्मेंद्र प्रधान का पुतला अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद सपा कार्यकर्ता चौहान चौपाल पहुंचे और वहां नारेबाजी करते हुए उप जिलाधिकारी के नाम तहसीलदार निरंकार सिंह को ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन के दौरान एक समय ऐसा भी आया, जब नारेबाजी के बीच कुछ कार्यकर्ता “धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद” के नारे लगाते हुए सुनाई दिए। विरोध प्रदर्शन के बीच इस तरह के नारे चर्चा का विषय बने रहे। हालांकि, अधिकांश कार्यकर्ता शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग करते रहे।
प्रदर्शन के दौरान निर्मित यादव, जैकी जाटव, सतपाल यादव, अमन चौहान, वसीम, शराफत समेत समाजवादी पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रही।