भूसे की कोठरी में कैद था दो साल का तेंदुआ, 4 वनकर्मी किट पहनकर अंदर घुसे
लखीमपुर खीरी। धौरहरा वन रेंज में भूसे की कोठरी में कैद एक दो वर्षीय मादा तेंदुए की सोमवार को रेस्क्यू के बाद मौत हो गई। इस घटना के बाद वन विभाग पर रेस्क्यू आॅपरेशन में लापरवाही बरतने के आरोप लग रहे हैं।
जानकारी के अनुसार रविवार रात लगभग 9 बजे धौरहरा वन रेंज के सिसैया गांव निवासी नाजिम खां के घर बनी भूसे की कोठरी में यह मादा तेंदुआ घुस गया था। घर वालों ने उसकी मौजूदगी देखी और तुरंत वन विभाग व पुलिस को सूचना दी।
रात में ग्रामीणों की भीड़ और तेंदुए की मौजूदगी के बीच पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने आम लोगों को कोठरी से दूर रहने का निर्देश दिया और रात भर निगरानी की।
सोमवार सुबह डीएफओ उत्तर कीर्ति चौधरी, पुलिस क्षेत्राधिकारी धौरहरा शमशेर बहादुर सिंह और वन क्षेत्राधिकारी अशोक श्रीवास्तव के निर्देशन में रेस्क्यू आॅपरेशन शुरू किया गया। पूरे क्षेत्र को जाल लगाकर सुरक्षित किया गया। लेजर लाइट के सहारे तेंदुए को ट्रैंकुलाइज किया गया और चार वनकर्मी किट पहनकर अंदर घुसे। तेंदुए को पिंजड़े में डालकर धौरहरा वन रेंज लाया गया।
वन रेंज में लाने के कुछ देर बाद ही मादा तेंदुए की मौत हो गई। आशंका जताई जा रही है कि भूसे की कोठरी में लगातार रहने से गर्मी और अत्यधिक ट्रैंकुलाइजर डोज के कारण उसकी मौत हुई।
स्थानीय प्रशासन और वन विभाग शाम तक तेंदुए की मौत की सूचना को अफवाह बताता रहा। हालांकि, बाद में दुधवा नेशनल पार्क के फील्ड डायरेक्टर राजा मोहन ने मौत की पुष्टि की। मीडिया को दूर रखने के लिए रेंज गेट पर ताला लगा दिया गया था। फिलहाल मृत मादा तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम करने के लिए विभागीय चिकित्सक डॉ. दया, डॉ. तलहा और डॉ. दीपक वर्मा रेंज कार्यालय पहुंच चुके थे।