Homeउत्तर प्रदेशMeerutरजिस्ट्री कार्यालय बंद, प्रतिदिन छह करोड़ का नुकसान

रजिस्ट्री कार्यालय बंद, प्रतिदिन छह करोड़ का नुकसान

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दस्तावेज लेखक हड़ताल पर, आनलाइन रजिस्ट्री के विरोध में प्रदर्शन जारी


शारदा रिपोर्टर मेरठ। रजिस्ट्री कार्यालयों में अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है। सोमवार को भी जिले के सभी छह उप-पंजीयक कार्यालय बंद रहे, जिससे प्रतिदिन 5 करोड़ रुपये से अधिक के राजस्व का नुकसान हो रहा है। हड़ताल के कारण संपत्ति की खरीद-फरोख्त के लिए आए लोगों को वापस लौटना पड़ा।

यह हड़ताल प्रदेश सरकार द्वारा जारी एक आदेश के विरोध में की जा रही है। इस आदेश के तहत रजिस्ट्री कार्यालयों के स्थान पर छोटे ‘फ्रंट कार्यालय’ खोले जाएंगे और ई-रजिस्ट्री सीधे आॅनलाइन या तय केंद्रों के माध्यम से की जाएगी। साथ ही, कुछ कार्यों का ठेका निजी कंपनियों को दिए जाने की भी बात कही जा रही है।

दस्तावेज लेखक एसोसिएशन के महामंत्री अनिल शर्मा, कोषाध्यक्ष विनेश कुमार और अधिवक्ता संजय कटारिया, शकील चौहान, योगेंद्र सुधीर सहित अन्य प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस नए नियम से लाखों दस्तावेज लेखक और अधिवक्ता बेरोजगार हो जाएंगे। उनका रोजगार छिन जाएगा और वे सड़क पर आ जाएंगे।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि निजी कंपनियों को ठेका देने से भ्रष्टाचार बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को कोई भी नीति बनानी है, तो बनाए, लेकिन उन्हें अलग करने से राजस्व का और अधिक नुकसान होगा तथा राजनीतिक ब्लैकमेलिंग बढ़ेगी। यह हड़ताल पूरे उत्तर प्रदेश में चल रही है, जिससे न्यायपालिका और आम जनता दोनों को परेशानी हो रही है।

मेरठ में कुल छह रजिस्ट्री कार्यालय हैं, जिनमें दो कलेक्ट्रेट में, दो मेरठ विकास प्राधिकरण में, एक सरधना और एक मवाना में स्थित हैं। इन सभी कार्यालयों में पिछले तीन दिनों से कामकाज ठप है। दस्तावेज लेखकों और अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया है कि यह हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक प्रदेश सरकार अपने इस आदेश को वापस नहीं ले लेती।

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