पटना। बिहार की राजनीति में बयानबाजी के लिए मशहूर तेज प्रताप यादव एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। इस बार वजह न कोई आंदोलन है, न कोई प्रदर्शन-बल्कि एक ऐसा बयान है, जिसने सियासी गलियारों में हंसी, हैरानी और बहस तीनों पैदा कर दी। सवाल राहुल गांधी पर था, लेकिन जवाब ऐसा आया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ और कांग्रेस पर हमला एक साथ हो गया।

संसद से विपक्ष के आठ सांसदों के निलंबन और राहुल गांधी को संसद में न बोलने दिए जाने के आरोप पर जब तेज प्रताप यादव से प्रतिक्रिया मांगी गई, तो माहौल अचानक दिलचस्प हो गया। सवाल सुनते ही तेज प्रताप जैसे ट्रैक बदल बैठे और बयान ने सबको चौंका दिया।
तेज प्रताप यादव ने कहा, कौन किसको सस्पेंड कर रहा है? राहुल गांधी जी खुद क्यों नहीं सस्पेंड हो जाते? सबको सस्पेंड कर रहे हैं, सबसे पहले वही हो जाएं। इस बयान के बाद यह साफ हो गया कि तेज प्रताप शायद यह भूल गए कि राहुल गांधी सत्ता पक्ष में नहीं, बल्कि विपक्ष में हैं।
यहीं बात खत्म नहीं हुई। जब राहुल गांधी के उस बयान का जिक्र हुआ, जिसमें अमेरिका से समझौते को लेकर प्रधानमंत्री पर देश बेचने का आरोप लगाया गया था, तो तेज प्रताप ने पूरी बाजी ही पलट दी। उन्होंने कहा ह्यप्रधानमंत्री देश क्यों बेचेंगे? जो बेच रहा है, वो सदन में है। राहुल गांधी देश बेच रहे हैं। पीएम मोदी अच्छा काम कर रहे हैं। लालू परिवार से अलग राह पर चल रहे तेज प्रताप यादव का यह बयान विपक्षी राजनीति के लिहाज से भी चौंकाने वाला रहा। एक ही जवाब में राहुल गांधी पर तीखा वार और प्रधानमंत्री मोदी की खुली तारीफ ने राजनीतिक हलकों में नई चचार्ओं को जन्म दे दिया।
राजनीति से हटकर जब निशांत कुमार के वृंदावन दौरे पर सवाल हुआ, तो तेज प्रताप ने वहां भी अपने खास अंदाज में टिप्पणी कर दी। बोले- निशांत जी को पहले ही वृंदावन जाना चाहिए था। हम तो मथुरा-वृंदावन पहले ही घूम चुके हैं। अब वो घूमना शुरू किए हैं, अच्छी बात है।
एक तरफ संसद में हंगामा, दूसरी तरफ तेज प्रताप यादव का यह अटपटा बयान, नतीजा यह हुआ कि बयान खुद खबर बन गया। राजनीति में कब कौन किसकी तारीफ कर दे और किस पर हमला कर बैठे, यह अंदाजा लगाना मुश्किल है। फिलहाल, तेज प्रताप के इस बयान ने बिहार की राजनीति में मनोरंजन और बहस दोनों का मसाला दे दिया है।

