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Sunday, January 11, 2026
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गंगा थ्रू द एजेस ए लिटरेरी बायोस्कोप परियोजना को मिली मंजूरी

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  • गंगा नदी के सरंक्षण को लेकर बनी योजना, 127.26 करोड़ स्वीकृत

लखनऊ। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की 60वीं कार्यकारी समिति की बैठक में गंगा नदी के संरक्षण और कायाकल्प के लिए वाराणसी और भदोही में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को मंजूरी दी हैं। इस बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के महानिदेशक राजीव कुमार मित्तल ने की। इन परियोजनाओं का उद्देश्य न केवल गंगा नदी की स्वच्छता और सतत विकास को बढ़ावा देना है, बल्कि इसके पर्यावरणीय और सांस्कृतिक महत्व को संरक्षित करना भी है।

 

 

बैठक में उत्तर प्रदेश के वाराणसी में दुर्गा ड्रेन के इंटरसेप्शन एवं डायवर्जन और 60 एमएलडी क्षमता के एसटीपी निर्माण परियोजना को 274.31 करोड़ रुपए की लागत के साथ मंजूरी दी गई। हाइब्रिड एन्युटी मोड पर आधारित इस परियोजना में 15 वर्षों का संचालन एवं रखरखाव भी शामिल है।

इसके तहत 60 एमएलडी एसटीपी के साथ 75 एमएलडी क्षमता के मुख्य पंपिंग स्टेशन और अन्य आवश्यक संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा। यह पहल गंगा नदी में प्रदूषण रोकने और वाराणसी में अपशिष्ट जल प्रबंधन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वहीं, भदोही में गंगा की प्रमुख सहायक नदी वरुणा के प्रदूषण नियंत्रण के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना को मंजूरी दी गई है। 127.26 करोड़ रुपए की इस परियोजना का उद्देश्य वरुणा में बिना उपचारित सीवेज के प्रवाह को रोकना और उसके जल की गुणवत्ता में सुधार करना है। परियोजना के तहत तीन अत्याधुनिक एसटीपी (17 एमएलडी, 5 एमएलडी और 3 एमएलडी क्षमता वाले) निर्मित किए जाएंगे।

कार्यकारी समिति की बैठक में गंगा थ्रू द एजेस ए लिटरेरी बायोस्कोप परियोजना को
मंजूरी दी गई, जो साहित्य, शिक्षा और सामुदायिक गतिविधियों के माध्यम से गंगा संरक्षण में जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

यह परियोजना राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन और नेशनल बुक ट्रस्ट के सहयोग से तीन वर्षों तक संचालित होगी और मोबाइल लाइब्रेरी, डिजिटल स्टोरीटेलिंग, स्कूल कार्यशालाएं और नदी तटों पर साहित्यिक सत्र जैसे नवाचार कार्यक्रमों के माध्यम से गंगा की ऐतिहासिक, आध्यात्मिक व पारिस्थितिकीय महत्ता को उजागर करेगी।

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