Home Meerut बढ़ते अपराधों से मेरठ हो रहा था प्रदेश में हाईलाइट

बढ़ते अपराधों से मेरठ हो रहा था प्रदेश में हाईलाइट

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एसएसपी रोहित सिंह सजवाण
एसएसपी रोहित सिंह सजवाण
  • दो साल तक तैनात रहने वाले रोहित सिंह सजवाण तीसरे कप्तान,

ज्ञान प्रकाश

मेरठ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अपराध मुक्त दावों को मेरठ के बदमाश खुलेआम चुनौती देने लगे थे। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण के कार्यकाल में अपराध भी खूब हुए लेकिन उनका खुलासा भी हुआ। हाल के दिनों में लगातार हो रही हत्या की वारदातों के कारण मेरठ क्राइम के मामले में चर्चाओं में चल रहा था। दो साल तक कप्तान रहने के बाद उनका तबादला सहारनपुर कर दिया गया। मेरठ के एसएसपी के कार्यकाल के इतिहास में रोहित सिंह सर्वाधिक समय तक कार्य करने वाले एसएसपी हैं।

2013 बैंच के आईपीएस रोहित सिंह सजवान की 26 जून 2022 में तैनात हुई थी। यहां पर उन्होंने दो साल का कार्यकाल पूरा किया है।
उनके कार्यकाल में कई बड़ी घटनाएं हुई है, उनका पदार्फाश कराने में भी कामयाब रहे।

एसएसपी सजवाण ने सबसे अधिक चुनौती देने वाली कांवड़ यात्रा को दो बार सफलतापूर्वक संपन्न कराया और लोकसभा के चुनाव भी बिना विवादों के संपन्न कराए।

प्रभाकर चौधरी के द्वारा सोतीगंज को नेस्तनाबूद करने के बाद एसएसपी सजवाण ने सोतीगंज को दोबारा पनपने नहीं दिया। चेन लूट और मोबाइल लूट पर भले लगाम लगाई गई हो लेकिन लूट और हत्या की घटनाएं बेखौफ बढ़ती गई। पिछले दो महीने में मेरठ में हत्या की वारदातें पुलिस के लिये चुनौती बन गई थी। कुछ मामलों में लूट के बाद हत्याओं ने पुलिस की छवि पर सवालिया निशान लगाने शुरु कर दिये थे। एसएसपी के कार्यकाल में चार पहिया और दो पहिया वाहनों की चोरी पर भले अंकुश लगा हो लेकिन घरों और दुकानों में होने वाली चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाने में पुलिस पूरी तरह नाकामयाब रही।

एसएसपी के लाख दावों के बाद भी ट्रैफिक व्यवस्था भगवान भरोसे रही। गैर जनपद और दूसरे राज्यों की गाड़ियों से ट्रैफिक पुलिस के द्वारा उत्पीड़न और वसूली बदस्तूर जारी रही। लोहिया नगर, लिसाड़ीगेट थाना क्षेत्र में बढ़ते अपराध भी पुलिस के लिये चुनौती बने रहे। बढ़ती जनसंख्या और बढ़ते अपराध को देखते हुए पिलोखड़ी चौकी को थाना बनाने का प्रस्ताव भी हकीकत में तब्दील नहीं हो सका।

विधानसभा में प्रदेश में बढ़ते अपराधों के जिक्र के दौरान मेरठ का नाम बार बार आने पर भी नेतृत्व पर उंगलियां उठनी शुरु हो गई थी। रोहित सिंह सजवाण से पहले प्रभाकर चौधरी, जे रवीन्द्र गौड़, दिनेश चंद्र दुबे, ओंकार सिंह आदि भी ठीकठाक कार्यकाल पूरा करके गए थे।

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