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Saturday, January 10, 2026
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Homeउत्तर प्रदेशMeerutमेरठ का टिकट अभी होल्ड, दिल्ली के लिए बढ़ी दौड़

मेरठ का टिकट अभी होल्ड, दिल्ली के लिए बढ़ी दौड़

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– भाजपा ने प्रत्याशियों की पहली सूची में मेरठ पर बढ़ा दिया सस्पेंस
– वर्तमान सांसद राजेंद्र अग्रवाल का इस बार टिकट कटने की हो रही चर्चा


अनुज मित्तल (समाचार संपादक)

मेरठ। लोकसभा चुनाव से लेकर विधानसभा चुनाव तक मेरठ की सीटों पर भाजपा हमेशा सस्पेंस बनाती रही है। इस बार भी पहले चरण में यूपी में 51 सीटों पर प्रत्याशी घोषित किए हैं, जिनमें 44 वर्तमान सांसद हैं। लेकिन इस सूची से मेरठ की सीट पर अभी प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। जिससे दावेदारों की दौड़ दिल्ली दरबार में शुरू हो गई है।

राजेंद्र अग्रवाल मेरठ लोकसभा सीट से लगातार तीन बार जीत चुके हैं। हर बार उनके टिकट कटने की चर्चा रही और हर बार उन्हें ही प्रत्याशी बनाया जाता रहा। हालांकि उनके इस बार टिकट कटने की सिर्फ एक ही वजह पार्टी के सूत्र बता रहे हैं। राजेंद्र अग्रवाल 72 वर्ष के हो चुके हैं और पार्टी इससे ज्यादा उम्र वालों को प्रत्याशी नहीं बनाती है। इस कारण राजेंद्र अग्रवाल का टिकट कटने की चर्चा हो रही है।

राजेंद्र अग्रवाल का यदि पार्टी नेतृत्व से सामंजस्य की बात करें तो वह बहुत बेहतर है। उन्हें पार्टी ने कई अन्य जिम्मेदारियां भी सौंपी हुई हैं। ऐसे में उनके टिकट कटने में सिर्फ उनकी उम्र ही आड़े आ सकती है।

मेरठ सीट पर दावेदारों की लंबी लाइन है। इनमें प्रमुख रूप से संघ परिवार के करीबी वासु मोटर्स के मालिक अजय गुप्ता, विनीत अग्रवाल शारदा, संजीव गोयल सिक्का, डा. वकुल रस्तोगी जहां वैश्य समाज से टिकट के दावेदार हैं तो ठाकुर बिरादरी से पूर्व विधायक ठा. संगीत सोम के अलावा ब्राह्मण समाज से पं. सुनील भराला भी दावेदारी जता रहे हैं। हालांकि पार्टी सूत्रों के अनुसार कुछ दिन पहले पार्टी यहां से पीयूष गोयल को चुनाव लड़ाना चाहती है। लेकिन उनके बाहरी होने के कारण पार्टी अब इस कदम से पीछे हट रही है।

वैश्य को ही मिलेगी वरियता

भाजपा हर चुनाव में जातीय समीकरण साधती है। गाजियाबाद से जनरल वीके सिंह वर्तमान में सांसद हैं और वह ठाकुर बिरादरी से आते हैं। यदि भाजपा मेरठ से वैश्य की उपेक्षा कर किसी दूसरी जाति के प्रत्याशी को मैदान में उतारती है तो उसे गाजियाबाद में वैश्य को चुनाव लड़ाना पड़ेगा। लेकिन अगर गाजियाबाद में जिस पर भी अभी तक प्रत्याशी घोषित नहीं किया है, किसी ठाकुर को मैदान में उतारती है तो मेरठ से निश्चित तौर पर वैश्य को ही चुनाव लड़ाया जाएगा।

दावेदारों की बढ़ गई बेचैनी, दिल्ली दरबार में दस्तक

मेरठ और गाजियाबाद की सीटों पर अभी प्रत्याशी घोषित न होने से दावेदारों की धड़कनें बढ़नी शुरू हो गई हैं। सभी दावेदार इस समय दिल्ली में अपने-अपने आकाओं के पास डेरा डाले पड़े हुए हैं। हर किसी को उम्मीद है कि इस बार उनका भाग्य चमक सकता है।

ठा. संगीत सोम की मेरठ और गाजियाबाद से दावेदारी

सूत्रों की मानें तो ठाकुर संगीत सोम मेरठ और गाजियाबाद दोनों ही सीटों पर अपनी दावेदारी कर रहे हैं। गाजियाबाद में उनका निवास है और वह वहां भी सक्रिय रहते हैं। जबकि मेरठ में उनकी लगातार सक्रियता बनी ही रहती है। राम मंदिर शिलान्यास के अवसर पर उन्होंने मेरठ-हापुड लोकसभा क्षेत्र की सभी पांचों विधानसभाओं में लड्डूओं का वितरण कराकर अपनी दावेदारी का संदेश भी दे दिया था।

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