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Meerut News Update : मेरठ में नशे के सौदागर गिरफ्तार, करीब 10 किलो गांजा बरामद

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  • पकड़े गए नशे के सौदागर, पुलिस की करते थे मुखबिरी।
  • मूर्ति बनाने के कारखाने में गांजे का मिलना पुलिस को सस्पेंस में डाल रहा है।
  • मेरठ, बिजनोर, मुजफ्फरनगर सहित अन्य जिलों में फैला नेटवर्क, आंध्रप्रदेश और हापुड से मिलती थी सप्लाई।

शारदा रिपोर्टर मेरठ। लिसाड़ी गेट की शालीमार गार्डन के 40 फुटा पर मूर्ति बनाने के कारखाने से पुलिस ने गुरुवार को दो नशे के सौदागरों को गिरफ्तार करते हुए उनके पास से 10 किलो गांजा औऱ एक अर्टिगा कार बरामद की थी। वह अपने गैंग के साथ आंध्रप्रदेश और हापुड से नशे की खेप ले रहे थे। पकड़े गए नशे के सौदागरों ने पुलिस पूछताछ में बड़ा खुलासा किया है। दोनों ने पुलिस को बताया कि वह पुलिस से बचने के लिए पुलिस की मुखबिरी भी करते थे इसी के चलते उनका चौकी और थाने में आना जाना था।

 

 

इसी लिए पांच सालों में पुलिस उन्हें पकड़ नही पाई, सौदागरों का नेटवर्क मेरठ, बिजनोर, मुजफ्फरनगर सहित आसपास के अन्य जिलों में भी फैला है। वही मूर्ति बनाने के कारखाने में गांजे का मिलना पुलिस को सस्पेंस में डाल रहा है। पुलिस और खुफिया विभाग ने अब कारखाने की भी गुप्त जांच शुरू कर दी है। पुलिस गांजा तस्करी के पूरे गैंग का पर्दाफाश करने का प्रयास कर रही है।

शालीमार गार्डन के 40 फुटा रोड पर श्यामनगर के रहने वाले सोनू ने एक किराए के मकान में मूर्ति बनाने का कारखाना खोला हुआ है। बृहस्पतिवार को इंस्पेक्टर लिसाड़ी गेट अशोक कुमार सिंह सहित भावी पिलल्लोखडी चौकी इंचार्ज यतेंद्र सिंह ने कारखाने से 10 किलो गांजा बरामद कर लिया। पुलिस ने मौके से श्यामनगर होटल वाली गली के रहने वाले शादाब और सद्दाम पुत्र सलीम को गिरफ्तार कर लिया था, पुलिस ने दोनों के पास से 10 किलो गांजा और एक अर्टिगा कार बरामद की थी।

नशे के सौदागरों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह करीब 5 साल से आंध्र प्रदेश और हापुड से नशे की खेप लाकर उसे मेरठ, बिजनौर, मुजफ्फरनगर सहित आसपास के अन्य जिलों में सप्लाई कर रहे थे। सौदागरों पुलिस को बताया कि वह पुलिस की नौकरी करते थे इसीलिए 5 सालों में कभी पकडे नहीं गए।

मूर्ति बनाने के कारखाने में गांजे का मिलना पुलिस को सस्पेंस में डाल रहा है। पुलिस मानकर चल रही है दोनों आरोपी और कारखाने का मालिक श्यामनगर के रहने वाले हैं। फिर मूर्ति बनाने के कारखाने में ही आरोपियों ने गांजे की खेप क्यों छुपाई थी। क्या कारखाना मालिक और आरोपियों में कोई कनेक्शन है या फिर आरोपी कारखाना मालिक के साथ मिलकर फिल्मों की तरह मूर्तियों में भरकर गांजे की सप्लाई करते थे। इस पर अभी सस्पेंस बना हुआ है। वहीं पुलिस के साथ-साथ एलआईयू भी मामले की जांच कर रही है। पुलिस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने की तैयारी में जुट गई है।

 

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