शारदा रिपोर्टर मेरठ। जानी थाना क्षेत्र के नगला कुंभ गांव में रिफाइंड तेल से नकली पनीर बनाने का बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। मेरठ मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर यह धंधा तेजी से फैल रहा है, जबकि संबंधित विभागों को इसकी भनक तक नहीं है।
पहले गांव में सोयाबीन से पनीर तैयार किया जाता था, लेकिन अब कारोबारी रिफाइंड तेल का इस्तेमाल कर रहे हैं। वे रिफाइंड के डिब्बे लाकर भट्टी पर गर्म करते हैं और उसी से पनीर जैसा ठोस पदार्थ तैयार कर लेते हैं
पड़ताल में पता चला कि गांव के दो दर्जन से अधिक घरों में यह नकली पनीर बन रहा है। तैयार माल को दिल्ली के बाजारों में 200 रुपए प्रति किलो तक बेचा जाता है। नकली पनीर को असली जैसा दिखाने के लिए इसे बर्फ की सिल्लियों में जमाया जाता है। दो दिन तक बर्फ में रखने पर यह टाइट हो जाता है, जबकि सामान्य तापमान पर यह ढीला पड़ जाता है और पानी छोड़ता है, जिससे इसका फर्जी होना साफ समझ में आता है।
शादी का सीजन चलने के कारण इस नकली पनीर की मांग काफी बढ़ गई है। जहां असली दूध वाले पनीर का दाम 280 से 300 रुपए प्रति किलो है, वहीं यह नकली पनीर 180 से 200 रुपए में बिक रहा है। कम लागत और बढ़ी मांग के कारण कारोबारी भारी मुनाफा कमा रहे हैं।



